- पार्षद मोहम्मद शाकिर ने शौचालय की आड़ में पांच दुकानें बनवाने का आरोप लगाया।
- ख्वाजा साहब की दरगाह में पुलिस के लिए आरक्षित स्थान को किराये पर देने का मामला पहले ही एसीबी में है।
- अमीन पठान इसी माह तीसरी बार दरगाह कमेटी के अध्यक्ष बने हैं।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह में आंतरिक प्रबंधन करने वाली दरगाह कमेटी से जुड़ा दूसरा मामला एसीबी में पहुंच गया है। मालूम हो कि दरगाह कमेटी केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन काम करती है। 28 जून को दरगाह क्षेत्र के पार्षद मोहम्मद शाकिर ने एसीबी के अजमेर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक पत्र दिया है। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम और दरगाह कमेटी की मिली भगत से दरगाह के निकट सोल थम्बा क्षेत्र में पांच दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक को बताया गया है कि दरगाह कमेटी सोल थम्बा क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय बनवाने का नक्शा नगर निगम से स्वीकृत करवाया था। स्वीकृत मानचित्र के अनुसार भूतल पर प्रतीक्षालय का निर्माण होना है तथा प्रथम तल पर शौचालय बनना है। लेकिन अब मौके पर भू-तल के निर्माण पर पांच शटर लगा दिए गए हैं, इससे प्रतीत होता है कि शौचालय की आड़ में दुकानें बनाई जा रही है। पार्षद शाकिर ने एसीबी को बताया कि जब उन्होंने नगर निगम के आयुक्त खुशाल यादव से शिकायत की तो यादव ने जांच के आदेश दिए। इस पर नगर निगम की उपायुक्त ने गत 12 अप्रैल को दरगाह कमेटी के नाजिम को नोटिस भी जारी किया।
इस नोटिस में निगम ने स्वयं माना है कि ग्राउंड फ्लोर वेंटिंग हॉल के तौर पर स्वीकृत हैं, लेकिन मौके पर जो निर्माण हुआ है वह अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। इस नोटिस में अवैध निर्माण को रोकने की हिदायत दी गई। शाकिर ने आरोप लगाया कि इस नोटिस के बाद नगर निगम को नियमानुसार कार्यवाही करनी चाहिए थी, लेकिन आज तक भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पार्षद शाकिर ने मांग की है कि नगर निगम और दरगाह कमेटी के दस्तावेज जब्त कर उच्चस्तरीय जांच की जाए।
पुलिस का स्थान किराये पर दिया:
ख्वाजा साहब की दरगाह के अंदर झालरे पर पुलिस के लिए आरक्षित स्थान को एक खादिम को किराये पर देने का मामला पहले ही एसीबी में पहुंच चुका है। दरगाह कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष और खादिम सैय्यद अब्दुल बारी ने एसीबी के महानिदेशक को इसी माह एक पत्र दिया है। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि दरगाह कमेटी ने झालरे पर जो स्थान पुलिस के लिए आरक्षित किया था। उसे 50 लाख रुपए का डोनेशन लेकर खादिम मुबारक अली को किराये पर दे दिया। बारी ने एसीबी को दरगाह कमेटी के प्रस्ताव और किराये पर देने से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध करवाए हैं। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि कमेटी में एक ही दिन में सारे निर्णय ले लिया। सबसे गंभीर बात तो यह है कि दरगाह कमेटी की नोटशीट पर अध्यक्ष अमीन पठान और चार अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर भी करवाए गए है। आमतौर पर कमेटी की नोटशीट इस तरह की कार्यवाही नहीं होती है। बारी ने पुलिस महानिदेशक से मांग की कि दरगाह कमेटी के स्थान को किारये पर देने के मामले की जांच करवाई जाए।
पठान तीसरी बार बने अध्यक्ष:
अमीन पठान इसी माह तीसरी बार दरगाह कमेटी के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। गत 15 जून को दिल्ली में हुई दरगाह कमेटी की बैठक में पठान को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष बनने के बाद पठान ने दरगाह क्षेत्र में जायरीन की सुविधा के लिए अस्पताल आदि बनवाने की घोषणा भी की है। यहां यह उल्लेखनीय है कि अमीन पठान राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी हैं।






