- इस्तीफे पर पायलट गुट में सहमति।
- हालात नाजुक देख मुख्यमंत्री के साथ ही होटल में रहेंगे 100 विधायक।
- मुस्लिम विधाायक भी होटल में ही मनाएंगे ईद।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – काफी जद्दोजद के बाद राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की अनुमति दे दी है। अब 14 अगस्त से सत्र शुरू होगा, लेकिन विधानसभा में राजनीतिक हलचल 17 अगस्त से ही शुरू होगी, क्योंकि 14 अगस्त को दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित हो जाएगा। 15 अगस्त को स्वतंत्रा दिवस और 16 अगस्त को रविवार का अवकाश रहेगा। माना जा रहा है कि 17 अगस्त को किसी प्रस्ताव पर मत विभाजन की स्थिति उत्पन्न कर कांग्रेस के बागी 19 विधायकों को विधानसभा आने के लिए बाध्य किया जाएगा। यदि कोर्टों में बसपा के 6 विधायकों का कानूनी पेच नहीं फंसा तो बागी विधायक सरकार के पक्ष में वोट देकर अपनी विधायकी बचा लेंगे, लेकिन यदि बसपा विधायकों पर दल बदल कानून की तलवार लटक गई तो पायलट गुट के 19 विधायक इस्तीफा देकर अशोक गहलोत की सरकार गिरवाएंगे। यानि 17 अगस्त को पायलट गुट के विधायकों का भविष्य तय हो जाएगा। जानकार सूत्रों के अनुसार पायलट गुट के सभी 19 विधायक एकजुट हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पायलट के विधायकों ने ऐसे ऐसे नजारे देख लिए हैं, जिसमें विधायक का पद छोटा नजर आता है। सभी विधायक पायलट के नेतृत्व में एकजुट हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने 27 जुलाई को दावा किया था कि 29 जुलाई तक पायलट गुट के तीन विधायक वापस आ जाएंगे, लेकिन सुरजेवाला का यह दावा खोखला निकला है। कांग्रेस और गहलोत सरकार की लाख कोशिश के बाद भी पायलट गुट में सेंध नहीं लग सकी है। यही वजह है कि जयपुर में सीएम गहलोत की चिंताएं लगातार बढ़ रही है। 14 अगस्त को होने वाले सत्र में 16 दिन शेष हैं, लेकिन जयपुर की होटल फेयरमोंट में रह रहे 100 विधायकों को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। खुद सीएम गहलोत भी इन विधायकों के साथ होटल में ठहरे हुए हैं। गहलोत और विधायक गत 10 जुलाई से ही होटल में बंद हैं। यानि 14 अगस्त तक इन विधायकों को होटल में रहते हुए 35 दिन हो जाएंगे। सीएम गहलोत इन विधायकों के होटल में रहने की पीड़ा को समझते हैं, इसलिए गहलोत ने कहा है कि मेरे साथ रहने वाले विधायकों को जो घाटा होगा, उसकी पूर्ति ब्याज सहित करुंगा। सीएम के इस बयान के कई मायने निकल रहे हैं। हालांकि सीएम ने यह नहीं बताया कि घाटा कैसे हो रहा है और घाटे की पूर्ति ब्याज सहित कैसे होगी? नाजुक स्थिति को देखते हुए होटल फेयरमोंट से किसीभी विधायक को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है7 सख्ती कीवजह से ही इन विधायकों ने घरों के जरूरी कार्य भी टाल दिए हैं। होटल से बाहर जाने की अनुमति नहीं मिलने की वजह से ही जाहिदा बेगम, शालि मोहम्मद, दानिश अबरार, वाजिदखान, अमीन काजमी जैसे मुस्लिम विधायक भी एक अगस्त को होटल में ही ईद का पर्व मनाएंगे। ईद के पर्व के लिए सीएम गहलोत ने होटल मालिक को विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि होटल मालिक रतनकांत शर्मा और सीएम गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत बिजनेस पाटर्नर हैं। इसी होटल में 100 विधायकों के साथ साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता भी ठहरे हुए हैं। पांच सितारा सुविधाओं से युक्त इस होटल में कांग्रेस के नेता और विधायक आराम से रह रहे हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि विधायकों और कांगे्रस के नेताओं का किराया प्रदेश कांग्रेस कमेटी वहन करेगी, लेकिन 20 दिन गुजर जाने के बाद भी होटल का बिल चुकाने की कोई बात सामने नहीं आई है।







