धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ की वजह से हेमंत जोधा को दोहरा लाभ। प्रताप यादव की तीखी प्रतिक्रिया।

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12 मनोनीत पार्षदों के नामों से अजमेर में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय जैन और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हेमंत भाटी भी खुश नहीं। महेन्द्र सिंह रलावता खामोश।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : राज्य सरकार ने अजमेर नगर निगम में 12 पार्षदों का मनोनयन कर दिया है। चूंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए कांग्रेस के नेताओं को ही मनोनित पार्षद बनाया गया है। इस मनोनयन में प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की एकतरफा चली है। सर्वेश पारीक, हेमंत शर्मा, कपिल सारस्वत, लोकेश चारण, विपिन बेंसिल व सुनीता चौहान रघु शर्मा की सिफारिश से ही पार्षद बने हैं।

जबकि पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, राजकुमार जयपाल के एक-दो समर्थकों को भी पार्षद बनाया गया है। लेकिन शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय जैन का एक भी समर्थक पार्षद नहीं बन पाया है। जैन का कहना है कि उन्होंने जो सूची दी थी, उसमें से एक भी कांग्रेसी को पार्षद नहीं बनाया गया है। जिन लोगों ने गत भाजपा शासन में संघर्ष किया था, उनके नाम सूची में शामिल किए गए थे, लेकिन उन्हें अफसोस है कि संघर्षशील और वफादार कार्यकर्ताओं के नामों पर विचार तक नहीं किया गया। उन्होंने माना कि इससे कांग्रेस का आम कार्यकर्ता मायूस होगा। ऐसे लोग पार्षद बनने में सफल रहे हैं, जो चापलूस प्रवृत्ति के हैं।

इसी प्रकार गत विधानसभा चुनाव में दक्षिण क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हेमंत भाटी ने कहा कि उन्होंने जो नाम प्रस्तावित किए थे उनमें से रवि मोटवानी और विनीत जैन को पार्षद बनाया गया है, लेकिन यह संख्या बहुत कम है। मैंने उन्हीं कार्यकर्ताओं का नाम प्रस्तावित किया था जो पूर्ण निष्ठा के साथ कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। लेकिन जिन नामों की घोषणा की गई है, उससे प्रतीत होता है कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जा रही है। उत्तर क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी रहे महेंद्र सिंह रलावता मनोनीत पार्षदों के नामों पर खामोश है। इससे प्रतीत होता है कि रलावता ने जो नाम प्रस्तावित किए उन्हें भी तवज्जो नहीं मिली है।

लेकिन कांग्रेस के दमदार नेता धर्मेन्द्र राठौड़ की सिफारिश से हेमंत जोधा पार्षद बनने में सफल रहे हैं। कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता जहां पार्षद नहीं बन सके, वहीं हेमंत जोधा उन भाग्यशाली कार्यकर्ताओं में शामिल हैं, जो दोहरा लाभ ले रहे हैं। जोधा पूर्व में ही अजमेर की सेंट्रल जेल कमेटी के सदस्य भी बनाए गए है। इसे धर्मेन्द्र राठौड़ की मेहरबानी ही कहा जाएगा कि जोधा दो पदों पर मनोनीत हुए हैं। मुनव्वर खान कायमखानी और सैय्यद फैसल को पूर्व विधायक डॉ. बाहेती की वजह से पार्षद बनने का अवसर मिला है। कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और एडीए अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार प्रताप यादव ने भी पार्षद के मनोनयन पर असंतोष जताया है।

यादव ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया उनकी उपेक्षा की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के समर्थकों की अनदेखी की गई है। गत बार अजमेर से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे उद्योगपति रिजु झुनझुनवाला के एक भी समर्थक को पार्षद बनने का अवसर नहीं मिला है। कांग्रेस के अनेक नेता झुनझुनवाला के सामाजिक सरोकारों के कार्यों में सक्रिय रहे, लेकिन मनोनीत पार्षद भी नहीं बनाए पाए हैं।


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