कोरोना महामारी में बदहाली के कगार पर पहुंच चुका है ,चेंबूर का शताब्दी अस्पताल ।

विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ,दवाइयों ,आधुनिक मशीनों की भारी कमी के दौर से गुजर रहा है ।

मुंबई (महाराष्ट्र संपादक सुनिल पाटील) : कोरोना महामारी के चल रहे कार्यकाल के दौरान बदहाली के कगार पर पहुंच चुका है चेंबूर का शताब्दी अस्पताल ।गौरतलब हो कि पूरे देश का आरोग्य बजट कोरोना काल के दौरान देश के रक्षा बजट को भी लांघ जाने के बावजूद भारी अनिमियता के दौर से गुजर रहा है ।

कहा जाता है कि सोमवार को कान के मरीजों के लिये ओपीडी में भारी भीड़ उमड़ पड़ी ।मौजूदा आज सुबह से एक ही डॉक्टर ने सुबह 8 बजे से ही अकेले मोर्चा संभाला था ।परंतु जैसे जैसे दिन बढ़ रहा था कान के मरीजों की लाइन बढ़ती जा रही थी कुछ साढ़े दस बजे के आस पास कान की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर आई ,फिर भी भीड़ को नियंत्रित करने में असफल रही ।ओपीडी में कार्यरत महिला स्वस्थ कर्मियों को बढ़ती लाइन में मरीजों को बैठाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था ।एक महिला मरीज जिसने कान का ऑपेरशन करवा रखा था ,उसने कहा कि जब सब कुछ दूसरे बड़े अस्पतालों में सर्जरी तक कनलिय मरीज़ो को रेफेर कर दिया जाता है तो यरह शताब्दी अस्पताल के देखने के लिये है ।

सिर्फ नाम के लिये यहां पर तैनात सरकारी डॉक्टर तनख्वाह ले रहे है ।वहीं एक दूसरे कान के मरीज तो वरिष्ठ कान के डॉक्टर ने सारी दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से लिख कर दे दिया खरीदकर लाने के लिये ।आक्रोशित मरीज लॉक डाउन में बेरोजागरी से गुजर रहे आक्रोशित मरीज ने झल्लाकर कहा कि क्या यह इतना बड़ा अस्पताल किस काम का जब दवाइयां भी पूरी नहीं मिल पा रही है ।एक अन्य महिला मरीज के अनुसार हफ्ते से सिर्फ कुछ ही दिन सारे डॉक्टर कान की ओपीडी में दिखाई देते है बकाया नाम के लिये गिने चुने एक या दो डॉक्टरों से काम चलाया जा रहा है ।

कहा जाता है कि समय पर अस्पताल का सीएमओ दोपहर बीत जाने के बाद भी अस्पताल में नहीं पहुंच पा रही है ।अपने जूनियर मेडिकल ऑफिसर के भरोसे छोड़ दिया है इतना बड़ा शताब्दी सरकारी अस्पताल की कार्यप्रणाली के लिये ।उपरोक्त मामले में।मनपा के वरिष्ठ आरोग्य अधिकारी तथा शताब्दी अस्पताल गैरहाजिर रहे अपने कार्यलय से चीफ मेडिकल ऑफिसर की प्रतिक्रिया हेतु संपर्क करने पर संपर्क नहीं हो पाया है ।अब देखना यह होगा कि उत्तर पूर्व मुंबई में दो सेमिफेरिपेराल अस्पतालों राजावाड़ी और शताब्दी अस्पतालों में व्यपात भारी अनियमित ,अव्यवस्था को राज्य सरकार का स्वस्थ मंत्रालय , मनपा स्वस्थ विभाग मनपा आयुक्त इक़बाल सिंह चहल तथा मुंबई मनपा महापौर किशोरी पेडणेकर कौन सी संजीवनी बूटी देकर बदहाल अस्पताल की चरमराई स्वस्थ सुविधा को पटरी पर लाने का प्रयास करते है ।

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