किसानों के भारत बंद के अंतर्गत आखिर राजस्थान बंद क्यों नहीं हुआ? बंद का समर्थन कांग्रेस ने भी किया था।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : 27 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद का आव्हान किया था। किसानों के इस बंद को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है। इसलिए हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल, यूपी आदि राज्यों में किसानों के साथ साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी सड़कों पर नजर आए। लेकिन राजस्थान में बंद का कोई असर नहीं देखा गया।

पंजाब से जुड़े गंगानगर में कुछ स्थानों पर बंद रहा, तो जयपुर सहित कुछ शहरों में कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से जुलूस निकाले गए। लेकिन आमतौर पर शहरों में बंद नहीं देखा गया। सब जानते हैं कि राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार चल रही है। ऐसे में उम्मीद थी कि किसानों के साथ साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी बंद को सफल बनाएंगे। लेकिन 27 सितंबर को प्रदेशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में नहीं आए। न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जिला कमेटियों को कोई निर्देश जारी किए गए।

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असल में तीन कृषि कानूनों के विरोध में शुरू से ही राजस्थान में किसान आंदोलन जोर नहीं पकड़ रहा है। शायद यही वजह रही कि राजस्थान में भारत बंद सफल नहीं रहा। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में जहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किए, वहीं राजस्थान में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं देखी गई। हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समय समय पर तीन कृषि कानूनों का विरोध किसान आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। लेकिन 27 सितंबर को इन दोनों ही नेताओं ने बंद को सफल बनाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।

लोगों को परेशानी:
भारत बंद का सबसे ज्यादा असर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और यूपी के कुछ जिलों में देखा गया। किसानों द्वारा नेशनल हाईवे जाम कर देने से लाखों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि एम्बुलेंस को परिवहन की छूट दी गई थी, लेकिन लंबे जाम के कारण दिल्ली की सीमाओं पर अनेक एंबुलेंस भी फंसी रहीं।

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