प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में सबको साथ लेकर चलने की क्षमता है- ख्वाजा साहब की दरगाह के गद्दीनशीन सैय्यद फखर काजमी।

दीपावली के अवसर पर दिखाई सदभावना।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के गद्दीनशीन और सूफी परंपरा को आगे बढ़ाने वाले मुस्लिम विद्वान सैय्यद फखर काजमी और दरगाह से जुड़े मुस्लिम प्रतिनिधि 5 नवंबर को मेरे पुष्कर रोड स्थित निवास पर आए और दीपावली पर्व की मुबारक बाद दी।

काजमी उन मुस्लिम विद्वानों शामिल हैं जो अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सूफी परंपरा पर विचारों का आदान प्रदान करते हैं। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद काजमी तीन बार उनसे मिल चुके हैं। काजमी ने बताया कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तभी से उनके ताल्लुकात हैं। उन्हें इस बात का फक्र है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी मोदी ने संवाद बनाए रखा है। काजमी का मानना है कि सबको साथ लेकर चलने की क्षमता नरेंद्र मोदी में ही है।

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास मोदी का यह नारा बहुत मायने रखता है। काजमी ने कहा कि नरेंद्र मोदी वो इंसान हैं, जो सभी धर्मों के महत्व को अच्छी तरह समझते हैं। वे जब भी मिलते हैं, तो मोदी उन्हें गले लगाते हैं। मोदी ऐसा कोई काम नहीं करते जिसकी वजह से किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति की भावनाएं आहत होती हों। काजमी ने मोदी को एक नेक दिल इंसान बताया। काजमी ने कहा कि दीपावली के मौके पर सद्भावना प्रकट करने के लिए वे पिछले कई वर्षों से अजमेर के प्रमुख व्यक्तियों के निवास पर जाकर मुबारक बाद देते हैं।

यह परंपरा बनी रहे इसके लिए 5 नवंबर को उन्होंने और उनके साथियों ने रेंज के एस सेंगाथिर, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा, दैनिक भास्कर अखबार के स्थानीय संपादक रमेश अग्रवाल, संपादक-ब्लॉगर एसपी मित्तल के निवास पर भी जाकर मुबारक बाद दी। उन्होंने कहा कि यह परंपरा जारी रहनी चाहिए। इस मौके पर उनके साथ मुस्लिम प्रतिनिधि तारागढ़ दरगाह कमेटी के पूर्व सदर सरवर सिद्दीकी, नवाब हिदायतुल्ला, अब्दुल नईम खान, सलमान खान, काजी मुनव्वर चिश्ती, हाजी सैय्यद सलीम बना, सैय्यद राजीव चिश्ती आदि साथ थे।

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