तो क्या रिटायर कार्मिकों की जमा राशि लौटाने में असमर्थ है राजस्थान की गहलोत सरकार?

पिछले एक माह से राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग का पोर्टल बंद पड़ा है, फलस्वरूप ऑनलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : राजस्थान में राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के पोर्टल का ई-ग्रास सिस्टम गत 12 अक्टूूबर से बंद पड़ा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। सिस्टम कब तक अपग्रेड होगा, इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। यदि ई सिस्टम के अपग्रेडेशन में एक माह से भी अधिक का समय लग रहा है तो इससे राजस्थान में कम्प्यूटर तकनीक के हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

यह स्थिति तब है, जब आईटी के क्षेत्र में राजस्थान के अव्वल होने का दावा किया जाता है। सब जानते हैं कि राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के माध्यम से ही रिटायर कार्मिकों को जमा राशि वापस मिलती है। अनेक कर्मचारी रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी आदि की राशि एकमुश्त नहीं लेते हैं। ऐसे कार्मिक आवश्यकता होने पर अपनी जमा राशि मांगते हैं। सरकार ने अब इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यानी रिटायर कार्मिक को मूल दस्तावेज के साथ साथ ऑनलाइन आवेदन का प्रार्थना पत्र भी संबंधित जिले की शाखा में जमा करवाना होगा। जब तक ऑनलाइन आवेदन का प्रार्थना पत्र नहीं होगा, तब मूल दस्तावेज भी जमा नहीं होंगे।

जानकार सूत्रों के अनुसार राज्य की गहलोत सरकार रिटायर कर्मचारियों की जमा राशि लौटाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए ई ग्रास सिस्टम को अपग्रेड करने का बहाना बनाया जा रहा है। इससे उन रिटायर कार्मिकों को भारी परेशानी हो रही है जो अपने परिवार के लिए जमा राशि वापस चाहते हैं। कई बुजुर्ग कार्मिकों को तो अपने इलाज के लिए पैसा चाहिए। हो सकता है कि गहलोत सरकार को कोरोना काल में आर्थिक तंग के दौर से गुजरना पड रहा हो, लेकिन कम से कम रिटायर कार्मिकों की जमा राशि तो वापस लौटानी ही चाहिए। कई कार्मिक तो अपनी मृत्यु से पहले ही जमा राशि निकालना चाहते हैं। क्योंकि मृत्यु के बाद परिजनों को जमा राशि मिलना कठिन होगा।

वैसे भी जमा राशि पर रिटायर कार्मिकों का ही हक है, ऐसे में उन्हें मांग पर राशि का भुगतान होना चाहिए। रिटायर कार्मिक अपनी राशि को सरकार में सबसे सुरक्षित मानते हैं, लेकिन जिस तरह पिछले एक माह से आवेदन ही नहीं हो पा रहा है उससे अनेक भ्रांतियां हो रही है। यदि सरकार को जमा राशि लौटाने में कोई आर्थिक परेशानी नहीं है तो फिर विभाग के ई ग्रास सिस्टम को जल्द चालू किया जाए, ताकि ऑनलाइन आवेदन हो सके। सरकार में बैठे बड़े अधिकारी यह समझे कि ऑनलाइन आवेदन नहीं होने से अनेक बुजुर्ग कार्मिक के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं। ऐसे में कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है।

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