काशी के विश्वनाथ मंदिर में फिर स्थापित की मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा।

  • रांची में भगवान बिरसा मुंडा का संग्रहालय बना कर प्रतिमा लगाई।
  • मध्यप्रदेश में हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रख कर एयरपोर्ट की तरह बनाया।
  • यह सब भारत की सनातन संस्कृति को मजबूत करने के लिए हो रहा है।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : भारत की पहचान सनातन संस्कृति ही है। हमारी सनातन संस्कृति ऐसी है, जिसमें सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता है। सनातन संस्कृति को मजबूत करने की दृष्टि से 15 नवंबर को जहां उत्तर प्रदेश के बनारस में काशी विश्वनाथ के मंदिर में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा दोबारा से लगाई गई तो झारखंड के रांची में भगवान बिरसा मुंडा का संग्रहालय बना कर प्रतिमा स्थापित की गई।

इतना ही नहीं मध्यप्रदेश के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रखकर रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह तैयार किया गया है। कोई कुछ भी कहे, लेकिन अब देश में हमारी सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाले कार्य हो रहे हैं। यदि सनातन संस्कृति बचेगी तो यह देश भी बचेगा। दुनिया में सनातन संस्कृति ही है जो सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता रखती है। सब जानते हैं कि कोई 100 वर्ष पहले सनातन संस्कृति विरोधी ताकतें काशी विश्वनाथ मंदिर से मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा चुरा कर ले गए। जब यह पता चला कि प्रतिमा कनाडा में है तो यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रतिमा को कनाडा से वापस मंगाया और 15 नवंबर को विधि विधान से प्रतिमा का पुन: मंदिर में स्थापित किया।

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इस मौके पर योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रहे। 100 वर्ष मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की पुनर्स्थापना से सनातन धर्म प्रेमियों को कितनी खुशी हुई होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जानकार सूत्रों के अनुसार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पिछले सात वर्ष में 75 प्रतिशत धरोहरों को विदेशों से वापस मंगाया गया है। 15 नवंबर को ही झारखंड के रांची में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा भी लगाई गई। यही पर एक संग्रहालय भी बनाया गया है। बिरसा मुंडा ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक समारोह को वर्चुअल संबोधित भी किया। पीएम ने कहा कि अब हर वर्ष 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगने से देशभर के आदिवासियों में खुशी है। 15 नवंबर को ही सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाला तीसरा महत्वपूर्ण कार्य मध्यप्रदेश में हुआ। यहां हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह तैयार किया गया है। भारत की सनातन संस्कृति को बनाए रखने में रानी कमलापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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