आगरा में असली ताजमहल बनवाने वाले चार बेगमों के शोहर मुगल बादशाह शाहजहां को बेटे ने ही कैद में डाल दिया था।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) : मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में रहने वाले आनंद प्रकाश चौकसी ने अपनी पत्नी के लिए ताजमहल जैसा घर बनवाया है। चौकसी ने ताज महल जैसा घर क्यों बनवाया यह तो वे ही जाने, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि चौकसी एक ही पत्नी के पति होंगे और ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके बेटे उन्हें कैद में नहीं रखेंगे।
सब जानते हैं कि आगरा स्थित ताजमहल एक खूबसूरत इमारत है, लेकिन इसमें मुगल बादशाह शाहजहां की चार चार बेगमें दफन हैं, इसलिए ताजमहल को मकबरा कहा जाता है। इस मकबरे को देखने के लिए ही देश विदेश से लोग आते हैं। बुरहानपुर में ताजमहल जैसा घर बनवाने के बाद चौकसी के परिवार में कितनी शांति रहेगी, यह ईश्वर ही जानता है, लेकिन शाहजहां को तो उसके बेटे औरंगजेब ने ही कैद में डाल दिया था। इतिहास में लिखा है कि औरंगजेब ने पहले अपने भाई की हत्या की और फिर शाहजहां को मकबरा वाले ताजमहल के सामने बने शाहबुर्ज किले में 8 वर्ष तक कैद रखा। इसी किले में 5 जनवरी 166 में शाहजहां का इंतकाल हो गया।
चौकसी ने तो ताज महल जैसा घर तीन वर्ष में तैयार कर लिया, लेकिन शाहजहां ताजमहल बनवाने में 22 वर्ष लगे। ताज महल के निर्माण की शुरुआत 1630 ईसवी में हुई थी। चौकसी अपने ताज महल का उपयोग क्या करेंगे, यह वही जाने, लेकिन आगरा के ताजमहल में शाहजहां की बेगमें मुमताज, इज्जुनिशां, फतेहपुरी और खंदारी दफन हैं। मुमताज की ख्वाइश पर ही शाहजहां ने ताजमहल का निर्माण करवाया था। हमारे आनंद प्रकाश चौकसी ने ताज महल जैसा घर बनवाकर बहुत खुश हो रहे हैं। अखबारों में उनके घर के फोटो भी छप रहे हैं। लेकिन इतिहास गवाह है कि आगरा में ताजमहल बनवाने वाला शाहजहां अपने धर्म के प्रति कट्टर था। मुसलमानों में भी उसका झुकाव शियाओं के प्रति रहा।
शाहजहां को सुन्नियों के प्रति पक्षपाती माना जाता था। भारत की सनातन संस्कृति अपने आप में बहुत समृद्ध है और हमारे यहां आश्रम व्यवस्था भी स्वर्ग जैसी है। इसे सनातन संस्कृति का बड़प्पन ही कहा जाएगा कि आनंद प्रकाश चोकसी मकबरा जैसा घर बनवाने के बाद भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।






