अजमेर के स्वामी धर्मप्रेमानंद सरस्वती को हरिद्वार में गंगा में जल समाधि दी गई।

स्वामी अनादि सरस्वती है उत्तराधिकारी।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : 10 दिसंबर को हरिद्वार में गंगा के किनारे अजमेर के चित्त संधान योग केंद्र के संस्थापक स्वामी प्रेमानंद सरस्वती की देह को जल समाधि दी गई। स्वामी धर्मप्रेमानंद का 9 दिसंबर को अजमेर में निधन हुआ था।

स्वामी जी की उत्तराधिकारी और केंद्र की प्रमुख स्वामी अनादि सरस्वती ने बताया कि स्वामी जी की इच्छा थी कि उन्हें गंगा नदी में जल समाधि दी जाए। उनकी इच्छा के अनुरूप ही 10 दिसंबर को हरिद्वार में गंगा नदी में जल समाधि की रस्म अदा की गई। इसके लिए लोहे के बॉक्स पर स्वामी जी की देह को रखा गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बॉक्स को नदी की गहराई तक ले जाया गया। इस अवसर पर अजमेर के गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

परमार्थ आश्रम के प्रमुख स्वामी चिन्मयानंद का सान्निध्य भी मिला। उन्होंने बताया कि स्वामी प्रेमानंद ने अपने जीवन काल में जो शिक्षा दी उसी के अनुरूप अब केंद्र की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। स्वामी अनादि सरस्वती ने बताया कि शेष सभी रस्में अजमेर के लोहागल रोड स्थित चित्त संधान योग केंद्र पर होंगी। मोबाइल नंबर 8003570999 पर स्वामी अनादि सरस्वती को अपनी संवेदनाएं बताई जा सकती है।

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