एक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं जो राजस्थान के किसानों की फसलों को बचाने के लिए बिजली उधार दे रहे हैं और दूसरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल है जो छत्तीसगढ़ की खदानों से कोयला निकालने नहीं दे रहे हैं।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) : कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में जिन योगी आदित्यनाथ की सरकार को निकम्मा बताती है वही योगी सरकार अब राजस्थान के किसानों की फसलों को बचाने के लिए 700 मेगावाट बिजली अशोक गहलोत की सरकार को उधार देगी। यानी पांच वर्ष पहले जिस उत्तर प्रदेश में मात्र चार-पांच घंटे ही बिजली सप्लाई होती थी, वह प्रदेश अब राजस्थान जैसे समृद्ध प्रदेश को उधार बिजली देने की स्थिति में आ गया है।
अब प्रियंका गांधी और सपा के अखिलेश यादव माने या नहीं लेकिन अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 700 मेगावाट बिजली उधार लेने का करार योगी सरकार से किया है। गंभीर बात तो यह है कि राजस्थान में बिजली संकट भी कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की सरकार की वजह से हुआ है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने तो छत्तीसगढ़ की खदानों से कोयला निकालने की अनुमति दे दी है, लेकिन भूपेश बघेल की सरकार राजस्थान को खदानों से कोयला निकालने नहीं दे रही है। इससे राजस्थान के बिजली उत्पादन प्लांट ठप हो रहे हैं।
राजस्थान के सीएम गहलोत ने छत्तीसगढ़ सरकार की शिकायत करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है। पत्र में आग्रह किया गया है कि छत्तीसगढ़ की खदानों से कोयला निकलवाने की अनुमति दिलवाई जाए। यानी राजस्थान में मौजूदा समय में जो बिजली संकट है वह कांग्रेस शासित प्रदेश छत्तीसगढ़ की वजह से ही है। अब अशोक गहलोत को यह बताना चाहिए कि राजस्थान में यह क्या हो रहा है? क्या गहलोत अपनी ही पार्टी के एक मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर समस्या का समाधान नहीं निकाल सकते? कांग्रेस की अपने दम पर तीन राज्यों में सरकारें हैँ। पंजाब वाली सरकार का कार्यकाल चार माह बाद पूरा हो रहा है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारें अभी दो साल तक चलेंगी।
यानी कांग्रेस की दो सरकारें हैं और दोनों में ही आपसी तालमेल नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तो सभी अपेक्षाएं की जाती है, लेकिन कांग्रेस की दो सरकारों में भी आपसी तालमेल का अभाव है। यदि एक कांग्रेस शासित प्रदेश की सरकार की वजह से दूसरे कांग्रेस शासित प्रदेश में किसानों को परेशानी हो तो कांग्रेस के प्रबंधन का अंदाजा लगाया जा सकता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश के किसानों की तो चिंता है, लेकिन राजस्थान के किसानों की नहीं। अशोक गहलोत बताएं कि यदि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश की सरकार बिजली नहीं दे तो राजस्थान के किसानों का क्या होगा? गहलोत माने या नहीं लेकिन प्रदेश के किसानों की मदद योगी आदित्यनाथ की सरकार की काम आई है।






