जलगाँव (आरटीआय दीपक कुमार गुप्ता) – जलगाँव में महसूल प्रशासन के कुछ भ्रष्ट अधिकारी वालू माफिया के साथ मिलकर शासन की आँख में धूल झोखने को तैयार है वालू के ठिये के नाम पर जगह पर वालू ना होते हुए भी तहसीलदार और प्रांत के तथाकथित आशीर्वाद से रातों रात ठिये खड़े किए जाते है फिर मोजमाप और पंचनामा का नाटक होता है।
उसके बाद किसी शासकीय काम के नाम पर , इसके बाद खेल शुरू होता वालूमाफ़िया का नीचे से लेकर ऊपर तक वाटप शुरू होती है फिर जो ठिये का ठेका होता है ठिये पर जिसका पंचनामा हुआ है उस ठिये से दिन में वालू उठाई जाती है और रात में नदी पात्र से वापस डाली जाती है यानी की दिन में यदि किसी की तक्रार पर फिर से पंचनामा होता है तो वहां शासकीय नियमों के अनुसार वालू उठाई जा रही है ऐसा दिखाया जा सके । इसके साथ साथ ऐसा भी होता है की जो ठिया है वहाँ से वालू उठाई जाती है पर बहुत कम और उसके नाम पर नदी पात्र से वालू उठाई जाती है दिखावे को यह दिन एक दो ब्रास एक दिन में बताई जाती है पर असल एक दिन में 1 हजार ब्रास तक या इससे ज्यादा भी उठाई जाती है और यह सब होता है भ्रष्ट महसूल अधिकारियों और कर्मचारियों के नाक के नीचे से और आशीर्वाद से
इस बंदरबांट में तलाठी से लेकर ऊपर तक , PWD के कुछ भ्रष्ट अधिकारी और कुछ तथाकथित पत्रकार, राजकारणी , सब शामिल होते है ऐसा वालूमाफ़िया के लोग ही सामने ना आने की शर्त पर यह किस्सा सुनाते है एक ठेके के लिए 50 लाख की भी वाटप हो जाती है इसमें सभी की बंदरबाट रहती है! ऐसे ही कुछ ठेके जळगाव जिल्हे में शुरू होने की वाले है ऐसी चर्चा है जैसे मोजे मोहाडी, मोजे निमखेड़ी, और सावखेड़ा तलाठी स्तर के लोग तो वालूमाफ़िया के साथ मिलकर ठिये की मौजमाप करने की चर्चा है।






