एकनाथराव खडसे और विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच झगड़े के अंत का कोई संकेत नहीं है।

नई दिल्ली (उपसंपादक तहरीम वाहिद) – भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे और महाराष्ट्र विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच झगड़े के अंत का कोई संकेत नहीं है। खडसे द्वारा गुरुवार को आरोप लगाए जाने के बाद शुक्रवार को फड़नवीस ने भी जवाब दिया। फड़नवीस ने कहा, “मैं सड़क पर घर कपडे नहीं धोता हूं। मैं शीतोष्ण हूं।”
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने महाराष्ट्र में एकनाथ खड़से, मराठा आरक्षण, कंगना रनौत, कोरोना की स्थिति जैसे विभिन्न मुद्दों पर टिप्पणी की। भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने मुक्ताईनगर में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया था। देवेंद्र फड़नवीस ने आज उन आरोपों का जवाब दिया है। “मैं खडसे के बारे में बात नहीं करूंगा,” उन्होंने कहा। वे हमारे वरिष्ठ नेता हैं। लेकिन एक बात मैं स्पष्टरुप सें कहुंगा एकनाथ खडसे को मनीष भंगाले के मामले में नहीं बल्कि एमआईडीसी भूमि खरीद मामले में इस्तीफा देना पड़ा था। एमआईडीसी की तथाकथित भूमि उनके परिवार द्वारा ली गई थी। खड़से के पास मनीष भंगाले मामले में क्लीन चिट है। कहीं न कहीं उस मामले में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। यह आरोप लगाया गया कि परिवार के लिए जमीन ली गई थी, जमीन लेने के दौरान खडसे मंत्री पद पर थे, जिस पर हमने एक जांच समिति नियुक्त की। तब उच्च न्यायालय के आदेश से मामला दर्ज किया गया था। मैंने वह अपराध दर्ज नहीं किया था। बिना किसी कारण के लोगों में गलत धारणा फैलाने का कोई कारण नहीं है। हमारे वरिष्ठ नेताओं की शिकायतों को हम घर में ही मिटायेंगे।
फिर से खडसे की प्रतिक्रिया
मैं देवेंद्र फड़नवीस से ज्यादा संयमित हूं। मैं पांच साल से धीरज धर​रहा हूं। MIDC द्वारा अधिग्रहित भूमि 2010 के बाद अन्य दावों में MIDC के नाम पर थी। इन दस्तावेजों को देखने के बाद, मेरी पत्नी और दामाद ने जमीन खरीदी। मैंने वह जमीन नहीं खरीदी। तो मेरी क्या गलती है? मैं अपनी पत्नी या दामाद के व्यवहार में मैं कैसे दोषी हो सकता हूं?

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