- मिलिट्री मैन नहीं होता तो शिवसेना वाले मेरी हत्या कर देते-मदन शर्मा।
- सोनिया गांधी को मातोश्री और शरद पवार को पिताश्री वाले कार्टून पर उद्धव ठाकरे क्यों खफा हैं?-रामदास अठावले।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 13 सितम्बर को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। लेकिन किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। महाराष्ट्र खासकर मुम्बई में घट रही घटनाओं की चर्चा देशभर में हो रही है, लेकिन 13 सितम्बर को सीएम ने मराठी भाषा में प्रेस को संबोधित किया।
अपने संबोधन के शुरू में ही ठाकरे ने कहा कि वे राजनीति पर कोई बात नहीं करेंगे। उनकी बात सिर्फ कोरोना संक्रमण पर होगी। राजनीति पर बात नहीं करने को लेकर उनकी कमजोरी नहीं समझी जाए। समय आने पर वे सबका जवाब देंगे। अलबत्ता ठाकरे ने माना कि महाराष्ट्र की बदनामी हो रही है। सवाल उठता है कि जिन घटनाओं को लेकर महाराष्ट्र खासकर मुम्बई की बदनामी हो रही है, उस पर ठाकरे ने अपनी बात क्यों नहीं रखी? क्या उद्धव ठाकरे ज्वलंत मुद्दों से भागना चाहते हैं? यह माना कि आज के दौर में कोरोना संक्रमण सबसे बड़ा खतरा है, लेकिन ठाकरे भी जानते हैं कि महाराष्ट्र में उनकी सरकार और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता क्या क्या कर रहे हैं? पिछले दिनों महाराष्ट्र में जो घटनाएं हुई उन्हें देखते हुए ही सवाल उठता है कि क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने जैसे हालात हो गए हैं? इस संबंध में राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी का कहना है कि ताजा घटनाओं पर केन्द्र सरकार को लगातार रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इस बीच 13 सितम्बर को ही केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने नौसेना के पूर्व अधिकारी 75 वर्षीय बुजुर्ग मदन शर्मा के मुम्बई में उनके निवास स्थान पर जाकर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद शर्मा अठावले के साथ मीडिया के सामने आए। शर्मा ने कहा कि यदि मैं मिलिट्री मैन नहीं होता तो दो दिन पहले शिव सेना के कार्यकर्ता मेरी हत्या कर देते। मैं मिलिट्री मैन रहा, इसलिए लात घुसों से अपना बचाव कर लिया। लेकिन इसके बाद भी गुंडों ने मेरी आंख तोड़ दी और शरीर के हर हिस्से में चोट पहुंचाई। फुटीआंख से अब मुझे दिखना भी बंद हो गया है। शर्मा ने कहा कि मेरी हत्या करने के लिए ही हमला किया गया था। लेकिन पुलिस ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं को साधारण धाराओं में गिरफ्तार कर थाने पर ही जमानत दे दी। इस घटना से मेरा पूरा परिवार दहशत में हैं।
शर्मा ने कहा कि अब केन्द्र सरकार को चाहिए कि महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार को बर्खास्त कर दे। राष्ट्रपति शासन लगाकर दोबारा से चुनाव करवाने चाहिए। मीडिया के सामने केन्द्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि मदन शर्मा का दोष इतना ही था कि उन्होंने राजनीति और कटाक्ष वाला एक कार्टून वाट्सएप ग्रुप पोस्ट किया था। इस कार्टून को मैंने भी देखा है। सब जानते हैं कि उद्धव ठाकरे की सरकार कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से चल रही है। ऐेसे में यदि सोनिया गांधी को मातोश्री और शरद पंवार को पिताश्री बताया गया है तो फिर उद्धव ठाकरे खफा क्यों हैं? अठावले ने कहा कि जिस तरह पहले अभिनेत्री कंगना रनौत का दफ्तर तोड़ा गया और अब पूर्व सैनिक पर जानलेवा हमला किया, उससे प्रतीत होता है कि महाराष्ट्र में खासकर मुम्बई में कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब हो गई है। गंभीर बात तो यह है कि ऐसी घटनाओं को सरकार का समर्थन मिल रहा है।







