- डोटासरा ने कहा-सत्ता और संगठन में बहुत अच्छा तालमेल।
- प्रभारी महासचिव के संवाद के बाद होगा कांग्रेस संगठन का पुनर्गठन।
- पायलट द्वारा लिखे पत्र का जवाब मुख्यमंत्री देंगे।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट से मुकाबला करने के लिए अब चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को आगे कर दिया है। राजनीतिक रणनीति के तहत पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक का प्रभारी मंत्री रघु शर्मा को ही बनाया गया है। गहलोत 8 सितम्बर को ही अजमेर में प्रभारी महासचिव अजय माकन के संभागस्तरीय जन संवाद के दौरान अजमेर में सचिन पायलट के समर्थकों ने रघु शर्मा को धोखेबाज़ बताते हुए फ्लैक्स फाड़ दिए थे। रघु शर्मा लगातार पायलट का विरोध कर रहे हैं। ऐसे माहौल में ही सीएम गहलोत ने शर्मा को पायलट के टोंक जिले का प्रभारी मंत्री बनाया है।
माना जा रहा है कि प्रभारी मंत्री की हैसियत से जब रघु शर्मा टोंक जाएंगे, तब हंगमेदार हालात देखने को मिलेंगे। रघु को टोंक का प्रभारी तब बनाया है जब पायलट समर्थकों में रघु को लेकर गुस्सा है। यह बात रघु को भी पता है, लेकिन फिर भी रघु ने पायलट से मुकाबला करने की ठानी है। राजनीति के तहत ही पायलट से जयपुर के सिविल लाइन स्थित बंगला संख्या 11 को खाली करवाया जा रहा है। पायलट यदि इस बंगले में 14 सितम्बर के बाद भी रहते हैं तो उन्हें 10 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया देना होगा। सरकार ने बंगला खाली करने का नोटिस दे दिया है।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अब सरकार और संगठन में बहुत अच्छा तालमेल है। जयपुर और अजमेर संभाग में कार्यकर्ताओं से संवाद के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मेरे साथ चार घंटे बात की है। इससे ज्यादा और क्या हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के अध्यक्ष से चार घंटे बात कर रहा है। डोटासरा ने कहा कि सीएम गहलोत हर कार्यकर्ता से बात करते हैं। जहां तक ब्लॉक, जिला कांग्रेस कमेटियों के गठन का सवाल है तो प्रभारी महासचिव अजय माकन के संभाग स्तरीय संवाद के बाद ही गठन होगा। अभी सात संभागों में से सिर्फ दो में संवाद हुआ है। डोटासरा ने कहा कि जन प्रतिनिधियों के पास समस्याएं आती रहती है। जब प्रतिनिधि होने के नाते ही सचिन पायलट ने अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण देने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र का जवाब सीएम गहलोत देंगे, लेकिन मैं यह बात दावे के साथ कह रहा हंू कि पांच प्रतिशत आरक्षण के नाम पर भाजपा ने गुर्जर समाज को गुमराह किया। अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार तो पांच प्रतिशत आरक्षण दे ही रही है। डोटासरा ने कहा कि सरकारी विभागों में तबादलों की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री भी जरूरी तबादले चाहते हैं, लेकिन अब पंचायत राज के चुनाव की आचार संहिता लग गई है, लेकिन फिर भी तबादलों के मुद्दे पर केबिनेट की बैठक में विचार किया जाएगा।







