- पहले से ही दो पालिकाओं की प्रभारी सीता वर्मा होंगी किशनगढ़ की आयुक्त। क्षेत्र वासियों में नाराजगी।
- अजमेर दौराई के युवक जैनुल के साथ गुजरात के डीसा में पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।
- शिया फाउंडेशन ने की जांच की मांग।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर के किशनगढ़ नगर परिषद के आयुक्त विकास कुमावत को एपीओ कर सीता वर्मा को परिषद के आयुक्त का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। सीता वर्मा पहले ही जिले की केकड़ी और सरवाड़ नगर पालिका की अधीशाषी अधिकारी हैं। कुमावत को आयुक्त पद से हटाकर सरकार ने किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टाक को राजनीतिक झटका दिया है। इस मामले में प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की सक्रिय भूमिका रही है। चूंकि रघु शर्मा केकड़ी से विधायक हैं इसलिए अजमेर जिले में अधिकांश अधिकारी उन्हीं की सिफारिश पर नियुक्त होते हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार पूर्व में विधायक टाक की सिफारिश पर विकास कुमावत को किशनगढ़ नगर परिषद का आयुक्त बनाया गया था। सब जानते हैं कि कांग्रेस में जब जुलाई अगस्त में सचिन पायलट ने 18 विधायकों के साथ बगावत की तब निर्दलीय विधायक सुरेश टाक पर भी अशोक गहलोत की सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगा। टाक भी दो निर्दलीय विधायकों के साथ एक माह तक दिल्ली में ही रहे। हालांकि बगावत काल समाप्त होने के बाद सुरेश टांक ने भी सीएम गहलोत से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी।
लेकिन प्रतीत होता है कि अब टाक की गहलोत सरकार में पहले जैसी स्थिति नहीं है। इस बात का पता विकास कुमावत को एपीओ किए जाने से चलता है। किशनगढ़ के लोग भी मानते हैं कि लॉकडाउन में कुमावत ने नगर परिषद के माध्यम से ज़रूरतमंद लोगों की बहुत मदद की। लेकिन सुरेश टाक से निकटता की वजह से कुमावत की मेहनत पर पानी फिर गया है। कुमावत को जिस तरह हटाया गया उससे किशनगढ़ के अनेक लोग नाराज है। सोशल मीडिया पर कुमावत के पक्ष में अभियान भी चलाया जा रहा है। कुमावत किशनगढ़ की राजनीति को समझते हैं,इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों से शांत रहने का आग्रह किया है। इस मामले में विधायक सुरेश टाक की भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है। असल में टाक को भी पता है कि अब गहलोत सरकार में उनका पहले जैसा सम्मान नहीं है।
दुर्व्यवहार की जांच की मांग:
ऑल इंडिया शिया फाउंडेशन के प्रदेश महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने अजमेर दौराई के युवक जैनुल आबेदीन के साथ गुजरात के डीसा में खिमात क्षेत्र में हुई घटना की जांच की मांग की है। आसिफ ने बताया कि 14 सितम्बर को दौराई निवासी ट्रक ड्राइवर जैनुल गुजरात के मूंदड़ा से ट्रक को लेकर नोयडा जा रहा था कि तभी खिमात में हाईवे पुलिस ने रोक लिया। जाति पूछने के बाद दुर्व्यवहार किया। पुलिस वाले 200 रुपया जबरन लेना चाहते थे। जब जैनुल ने रिश्वत नहीं दी, तो दुर्व्यवहार किया गया। दुर्व्यवहार का वीडियो भी बनाया गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। डीसा के पार्षद सैय्यद आदिल ने पालनपुर के पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस पूरे घटनाक्रम की और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 8118866337 पर सैय्यद आसिफ अली से ली जा सकती है।







