- यह जटिल और महंगा ऑपरेशन सरकारी योजना में मुफ्त हुआ।
- अब पाली के जैतारण निवासी सावरराम स्वस्थ्य है।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि ऑपरेशन टेबल पर मरीज से बात करते हुए कोई डॉक्टर सिर से गांठ (ट्यूमर) निकाल ले। आम आदमी के लिए भले ही यह सपना हो, लेकिन चिकित्सा विज्ञान ने यह संभव कर दिखाया है। अजमेर के पुष्कर रोड मित्तल अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने 16 सितम्बर को राजस्थान के पाली जिले के जैतारण निवासी 30 वर्षीय युवक सावरराम के सिर से गांठ निकाल कर कमाल का काम किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि गांठ सिर में कान के पास थी, ऐसे में ऑपरेशन के दौरान मरीज के सुनने की क्षमता खत्म हो जाने की आशंका थी, इसलिए सावरराम के सिर में एनेस्थीसिया उसी स्थान पर दिया, जहां से गांठ को निकाला जाना था। सुनने की क्षमता पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ रहा है, इसको जांचने के लिए ऑपरेशन के दौरान लगातार मरीज से बात की जाती रही। डॉ. वर्मा ने कहा कि यह चिकित्सा विज्ञान का चमत्कार तो हैं ही साथ ईश्वर की कृपा भी है। सावरराम ने सही समय पर गांठ निकलवा ली नहीं तो ऐसी गांठ ही कैंसर का कारण बनती है। हालांकि अब गांठ के टुकड़े की वाईएसपी करवाई जाएगी, लेकिन मरीज अब पूरी तरह स्वास्थ्य हैं। ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. वर्मा को अस्पताल के एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव पांडे, के साथ साथ आमिर, आसिफ, भगवान, रामेश्वर सिंह, हेमा आदि का भी सहयोग रहा।
नि:शुल्क हुआ ऑपरेशन:
मित्तल अस्पताल के निदेशक डॉ. दिलीप मित्तल और मनोज मित्तल ने बताया कि सावरराम का यह जटिल ऑपरेशन आयुष्माना भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना में नि:शुल्क हुआ है। चूंकि अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध है, इसलिए यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ है। यह अस्पताल केन्द्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं में इलाज के लिए अनुबंधित है। हर क्षेत्र के अनुभवी चिकित्सक भी उपलब्ध है। यहां के चिकित्सक सेवा की भावना से काम करते हैं। अस्पताल के काम काज और सावरराम के ऑपरेशन के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9116049809 पर जनसंपर्क अधिकारी संतोष गुप्ता से ली जा सकती है।







