जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 26 जून को अजमेर के किशनगढ़ उपखंड में कोई 30 करोड़ रुपए की लागत वाले 103 दुकानें के कॉम्प्लेक्स को नगर परिषद ने सीज कर दिया। परिषद के आयुक्त विकास कुमावत ने बताया कि यह कॉम्प्लेक्स निर्माण स्वीकृति के विपरीत बना है। कुमावत ने कहा कि जांच के बाद शहर के अन्य अवैध कॉम्प्लेक्स भी सीज किए जाएंगे। इस कॉम्प्लेक्स के सीज होने के साथ ही किशनगढ़ के राजनीतिक माहौल में अचानक गर्मी आ गई। असल में मैसर्स एचएम एंटरप्राइजेज ने मिल चौराहे पर दो भूखंड खरीदे। इन्हीं भूखंडों पर 103 दुकानों का कॉम्प्लेक्स बनाया। अब इस कॉम्प्लेक्स की दुकानों को 10 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक में बेचा जा रहा है। आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के सांझेदारों ने नगर परिषद से एक मंजिल के निर्माण की अनुमति ली, लेकिन मौके पर तीन मंजिल का कॉम्प्लेक्स खड़ा कर लिया। मैसर्स एचएम एंटरप्राइजेज में अजमेर के भाजपा सांसद भागीरथ चौधरी के पुत्र सुभाष चौधरी की भी सांझेदारी है। इसलिए सीज की कार्यवाही को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। कॉम्प्लेक्स में सुभाष चौधरी के साथ साथ किशनगढ़ के अमित कुमार जैन, संजय पालड़ीवाल, पुनीत कुमार जैन व लक्ष्मण भी सांझेदार है। यह काम्प्लेक्स भाजपा के शासन में तैयार हो गया था, लेकिन तब प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कॉम्प्लेक्स के निर्माण को रुकवाने की हिम्मत नहीं दिखाई। जबकि यह कॉम्प्लेक्स किशनगढ़ के एसडीएम के सरकारी बंगले से सटा हुआ है। आरोप है कि एसडीएम के बंगले की ओर भी नियमानुसार सेटबैक नहीं छोड़ा गया है। इस संबंध में किशनगढ़ के विधायक सुरेश टाक का कहना है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि नियमों के अनुरूप ही काम करें। यदि कोई जनप्रतिनिधि कानून के विरुद्ध काम करेगा तो जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। टाक ने कहा कि कॉम्प्लेक्स को सीज करवाने में उनका कोई दबाव नहीं रहा है। नगर परिषद ने नियमों के अनुरूप कार्यवाही की है। यदि किशनगढ़ में इस तरह के और अवैध निर्माण है उन्हें भी सीज किया जाना चाहिए।
विधायक की बिल्डिंग भी अवैध-सांसद:
वहीं सांसद भागीरथ चौधरी ने कॉम्प्लेक्स को सीज किए जाने की कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बताया। चौधरी ने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स कॉमर्शियल भूखंड पर बना हुआ है। हो सकता है कि कुछ निर्माण स्वीकृत नक्शे के अतिरिक्त हो। लेकिन किशनगढ़ में ऐसे बहुत से निर्माण है, जो सरकारी जमीन पर हैं या फिर कृषि भूमि पर बने हुए हैं। चौधरी ने कहा कि किशनगढ़ के ऐसे कॉम्प्लेक्सों को लेकर विधायक सुरेश टांक ने लिखित में शिकायत की है। जबकि टाक की बिल्डिंग भी नियमों के विपरीत बनी है। सांसद ने कहा कि नगर परिषद को अब सभी अवैध निर्माणों पर कार्यवाही करनी चाहिए। जहां तक कॉम्प्लेक्स में उनके पुत्र की सांझेदारी का सवाल है तो मेरा पुत्र स्वतंत्र रूप से अपना व्यवसाय करता है। नियमानुकूल व्यवसाय करना कोई गुनाह नहीं है। सांसद चौधरी ने कहा कि वे दो बार किशनगढ़ के विधायक रहे लेकिन उन्होंने कभी भी औछी राजनीति नहीं की।
कांग्रेस की श्रद्धांजलि सभा में हंगामा:
26 जून को अजमेर में स्टेशन रोड स्थित शहीद स्मारक पर हुई कांग्रेस की श्रद्धांजलि सभा में फोटो खींचाने को लेकर कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस के देशव्यापी आव्हान के अंतर्गत लद्दाख सीमा पर शहीद हुए बीस जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा रखी गई थी। इसी बीच फोटो खींचाने को लेकर कांग्रेस के कार्यकर्ता शमशुद्दीन और सोना वाधवानी के बीच मारपीट हो गई। जब वाधवानी ने शमशुद्दीन के घूसा मारा तो खून बह गया। बीच बचाव के दौरान कपड़े भी फट गए। इस घटना पर अफसोस जताते हुए शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि यह अनुशासनहीनता है। दोनों कार्यकर्ताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं। शमशुद्दीन पर पहले भी अनुशासनात्मक कार्यवाही हो चुकी है।







