- अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी ने केन्द्रीय मंत्री को लिखा पत्र।
- एफएसएसएआई की शर्त को मिठाई विक्रेताओं के लिए अव्यवहारिक माना।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – क्या आपको पता है कि 1 जून 2020 से मिठाई विक्रेताओं को डिब्बे पर मिठाई बनाने और उपभोग करने की तारीख अंकित करने का कानून लागू हो गया है? अब इस कानून को हटाने की मांग को लेकर अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखा है।
इस पत्र में बताया गया है कि भारतीय खाद्य संस्था एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मिठाई बनाने और बेस्ट बिफोर (उपभोग करने की तिथि) को अंकित करना अनिवार्य कर दिया है। चौधरी ने बताया कि किसी भी मिठाई विक्रेता के लिए ऐसी तिथि अंकित करना व्यवहारिक नहीं है। देश में ऐसा कोई नियम विदेशी या अन्य खुली किसी भी वस्तु पर लागू नहीं है। यदि यह नियम लागू रहता है तो इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री से आग्रह किया गया है कि इस नियम को तत्काल प्रभाव से निरस्त करवाया जावे। चौधरी ने पत्र में बताया है कि भारतीय संस्कृति में मिठाई का विशेष महत्व है। हमारे धार्मिक सामाजिक कार्यों में मिठाई का उपयोग होता है।
वैसे भी उपभोक्ता और मिठाई विक्रेता के बीच संबंध हमेशा से अच्छे रहे हैं। जब कभी उपभोक्ता को मिठाई से कोई शिकायत होती है तो विक्रेता ऐसी मिठाई को वापस भी ले लेता है। मिठाई विक्रेताओं पर पहले से ही उपभोक्ता संरक्षण कानून लागू है। यदि किसी उपभोक्ता को शिकायत है तो वह जिला उपभोक्ता मंच में शिकायत दर्ज करवा सकता है। चौधरी ने कहा कि इन दिनों देश में कोरोना काल चल रहा है, जिसकी वजह से मिठाई विक्रेताओं को भी भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसे माहौल में यदि मिठाई बनाने और उपभोग की तारीख अंकित करने का नियम लागू किया जाएगा तो इससे मिठाई विक्रेताओं की परेशानी और बढ़ेगी। चौधरी डॉ. हर्षवर्धन से आग्रह किया कि मिठाई विक्रेताओं की इस मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए। 







