केन्द्र सरकार के कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं सालेचा।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – भारतीय रेल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी नरेश सालेचा ने एक अक्टूबर को रेलवे बोर्ड में सदस्य (वित्त) का पद भार संभाल लिया है। सालेचा इससे पहले बोर्ड में ही वित्त विभाग में अतिरिक्त सदस्य के तौर पर कार्य कर रहे थे। एक सितम्बर को हुए रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन में अब अध्यक्ष सहित पांच सदस्य होंगे। बोर्ड में सदस्य वित्त का नम्बर अध्यक्ष के बाद माना जाता है। वैसे भी सालेचा रेलवे में वित्तीय काम काज के विशेषज्ञ रहे हैं।
बोर्ड का सदस्य बनने पर सालेचा को बधाई देने वालों का तांता लगाया हुआ है। केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी सालेचा को शुभकामनाएं दी हैं। सालेचा ने रेलवे में ही महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई बल्कि जहाज़रानी, शहरी विकास नार्थ ईस्ट जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में भी काम किया है। इसके अतिरिक्त सालेचा एनबीसीसी, आईआरसीटीसी, दिल्ली मेट्रो, कोलकाता मेट्रो, रेल टेल, एचपीसी जैसे अद्र्ध सरकारी संस्थाओं में निदेशक के तौर पर कार्य कर चुके हैं। दिल्ली से मुम्बई के बीच महत्वाकांक्षी फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण में भी सालेचा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सालेचा ने डब्ल्यूटीओ में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। जयपुर में बीकॉम, एमबीए तथा विधि की शिक्षा ग्रहण करने वाले सालेचा ने सरकारी स्तर पर अनेक देशों की यात्रा की है। 1985 में सालेचा का भारतीय रेल सेवा में चयन हुआ था, लेकिन इससे पहले 1982 में सालेचा राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयनित हो चुके थे। रेल सेवा में चयन होने के बाद सालेचा ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उनकी काबिलियत और काम करने की पारदिर्शता के चलते सालेचा आज रेलवे की सर्वोच्च संस्था में महत्वपूर्ण सदस्य है।
सालेचा वर्ष 2014 से 2016 तक अजमेर के डीआरएम रहे। आम तौर रेलवे के डीआरएम का जिला प्रशासन से तालमेल नहीं होता है, लेकिन सालेचा ने इस दूरी को समाप्त कर दिया। चूंकि अजमेर शहर में रेलवे की अनेक आवासीय कॉलोनियां बनी हुई है और शहरी क्षेत्र में ही रेलवे के दफ्तर आते हैं, इसलिए अजमेर के विकास में रेलवे की भी भूमिका होती है। सालेचा के कार्यकाल में अजमेर प्रशासन को रेलवे का पूरा सहयोग मिला। सालेचा के कार्यकाल में भी गांधी भवन चौराहे पर रेलवे का सेकंड एंट्री गेट भी बना। रेलवे स्टेशन के विस्तार में भी सालेचा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि सालेचा ने सांसद और विधायक कोष से करोड़ों रुपए रेलवे के लिए प्राप्त किए। औद्योगिक घरानों के सामाजिक कोष से राशि प्राप्त की। गांधी भवन चौराहे पर एक करोड़ की लागत से एंट्री गेट श्रीसीमेंट संस्थान से बनवाया। अजमेर के लोग आज भी सालेचा के कार्यकाल को याद करते हैं।







