नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी सतर्कता बरतने की जरुरत- डॉ. दीप्ति राठी (अरोड़ा)।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कोरोना काल में सर्वाधिक मौतें श्वास रोगियों की हुई है। जो श्वास रोगी कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ, उसे अस्पताल में तत्काल ऑक्सीजन की जरुरत पड़ी। जिन संक्रमित लोगों को समय पर ऑक्सीजन मिल गया, उनकी तो जान बच गई, लेकिन जिन रोगियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाया, उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गुड़गाँव के मेदांता अस्पताल से क्रीटिकल केयर और सुपर स्पेशियलिटी की दक्षता हासिल करने वाली डॉ. दीप्ति राठी (अरोड़ा) ने बताया कि कोरोना काल में श्वास रोगियों को बेहद सतर्कता बतरने की जरुरत है। डॉ. राठी मौजूदा समय में अजमेर के पुष्कर रोड स्थित मित्तल अस्पताल में श्वास एवं अस्थमा रोग की विशेषज्ञ हैं।
डॉ. राठी ने बताया कि कोरोना काल में हम सबने अपने आसपास देखा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर श्वास रोगियों को सबसे ज्यादा तकलीफ़ हुई है। असल में कोरोना वायरस फेफड़ों पर ही अटेक करता है। वायरस के अटेक से फेफड़ों में पंक्चर हो जाता है, जिसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ़ होती है। यह जरूरी नहीं कि फेफड़ो पर कोरोना का ही अटेक हुआ हो, वातावरण में और वायरस हैं, जो फेफड़ों पर अटेक करते हैं। डॉ. राठी ने बताया कि हम सबने देखा कि किन व्यक्तियों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई उन्हें भी सांस लेने में तकलीफ़ हुई। कई बार यह भी देखा गया कि नेगेटिव व्यक्ति की मौत भी हो गई। असल में जब किसी भी वायरस का अटेक फेफड़ों को होता है, तो फिर श्वास रोगियों के लिए जानलेवा साबित होता है।
डॉ. दीप्ति राठी ने बताया कि कोरोना काल में रोगियों को साधारण ऑक्सीजन देने के बाद वाइपेप मशीन से भी ऑक्सीजन दिया गया। इतना ही नहीं मरीजों को वेंटीलेटर पर भी रखना पड़ा। डॉ. राठी ने कहा कि कोरोना वायरस में आम लोगों को श्वास रोग के प्रति और जागरुक कर दिया है। जो लोग तम्बाकू और तम्बाकू से बने बीड़ी सिगरेट का उपयोग करते हैं उन्हें सबसे ज्यादा श्वास रोग होता है। कोरोना संक्रमण से उन सभी को सबक लेना चाहिए जो तम्बाकू का सेवन करते हैं। तम्बाकू युक्त पान मसाला भी कोरोना काल जानलेवा साबित हुआ है। भारत में श्वास रोगियों की संख्या पहले से भी ज्यादा थी। लेकिन कोरोना ने देश में श्वास रोगियों की संख्या को और बढ़ाया है।
डॉ दीप्ति ने कहा कि अभी कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्त अथवा कम नहीं हुआ है। ऐसे में श्वास रोगियों को बेहद सतर्कता बरतने की जरुरत है। श्वास रोगियों के पास दवाइयों का पर्याप्त स्टाक होना चाहिए। इसी प्रकार नेबुलाइजर जैसे उपकरण भी घरों पर होने चाहिए। डॉ. दीप्ति ने यह बताया कि श्वास रोगी अजमेर के वैशाली नगर स्थित एलआईसी कॉलोनी अरोड़ा एलर्जी एवं चेस्ट केयर क्लिनिक पर अपने श्वास की जांच करवा सकते हैं। मोबाइल नम्बर 9413224622 तथा 9887088122 पर सम्पर्क कर सकते हैं। क्लिनिक पर सभी मरीजों को उचित परामर्श दिया जाता है।







