- अजमेर विकास प्राधिकरण की बैठक में ही मंजूर हो जाएगा मास्टर प्लान-आयुक्त रेणु जयपाल।
- विश्व खाद्य दिवस पर 16 अक्टूबर को अजमेर नगर निगम के कार्मिक 6 हजार लोगों को नि:शुल्क भोजन करवाएंगे।
- आयुक्त खुशहाल यादव की पहल।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर के नागरिक पिछले सात वर्षों से मास्टर प्लान की मार झेल रहे हैं। वर्ष 2033 तक के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को मंजूरी नहीं मिलने की वजह से नागरिकों के मकानों, दुकानों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों आदि के नक्शे स्वीकृत नहीं हो रहे हैं। प्रमुख मार्गों की चौड़ाई का निर्धारण भी नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मास्टर प्लान को मंजूर करवाने में भाजपा के नेता भी विफल रहे।
यही वजह रही कि लोगों ने आवासीय भूखंड पर कमर्शियल निर्माण कर लिए। मास्टर प्लान नहीं होने की वजह से ही लैंड यूज भी चेंज नहीं हो रहा है। अजमेर के लोगों को मास्टर प्लान की समस्या से निजात दिलाने का बीड़ा इस बार अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त सुश्री रेणु जयपाल ने उठाया है।
जयपाल ने बताया कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर 650 आपत्तियां प्राप्त हुई है, अब इन आपत्तियों का निस्तारण तेजी के साथ किया जा रहा है। उनका प्रयास है कि जल्द से जल्द मास्टर प्लान को स्वीकृत कर दिया जाएगा। सुश्री जयपाल ने बताया कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद मास्टर प्लान को प्राधिकरण की बैठक में ही मंजूर कर दिया जाएगा। मास्टर प्लान को अनुमोदन के लिए राज्य सरकार के पास भेजने की जरुरत नहीं है। उन्होंने माना कि मास्टर प्लान मंजूर नहीं होने की वजह से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अजमेर के विकास में मास्टर प्लान भी बाधा बनकर खड़़ा हुआ है। लेकिन अब लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
6 हजार लोगों को नि:शुल्क भोजन:
विश्व खाद्य दिवस पर 16 अक्टूबर को अजमेर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मिलकर 6 हजार लोगों को नि:शुल्क भोजन करवाएंगे। निगम के उपायुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि आयुक्त खुशहाल यादव की प्रेरणा से निगम के स्टाफ ने एक लाख 20 हजार रुपए की राशि एकत्रित की है। इस राशि के माध्यम से 16 अक्टूबर को निगम द्वारा संचालित इंदिरा रसोई के जरिए लोगों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। एक रसोई घर पर प्रतिदिन 600 जरुरतमंद लोग भोजन कर सकते हैं। इस भोजन पर 20 रुपया खर्च होता है, चूंकि अजमेर में 10 स्थानों पर इंदिरा रसोई संचालित है, इसलिए 16 अक्टूबर को 6 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आम दिनों में जरुरतमंद लोगों को 8 रुपए में भोजन उपलब्ध होता है, लेकिन इसमें 12 रुपए सरकार सब्सिडी देती है। निगम के कार्मिकों ने तय किया है कि सब्सिडी की राशि भी दी जाएगी।







