- जन्मदिन पर की थी मिजाजपुर्सी।
- कुमार के इस ट्वीट को अजमेर कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने भी सराहा।
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एडवोकेट सत्यकिशोर सक्सेना ने भी दी प्रतिक्रिया।
- सीएम गहलोत ने ही अब कुमार विश्वास की पत्नी डॉ. मंजू शर्मा को राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया है।
- क्या प्रभारी महासचिव अजय माकन की सहमति के बाद आयोग में नियुक्ति हुई?
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – सुप्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दो ट्वीट किए हैं। एक ट्वीट 7 अक्टूबर 2016 का है। इस ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से इशारा करते हुए विश्वास ने लिखा अब बताओं मैंने चार साल पहले उन्हें पप्पू का नाम सही दिया था या नहीं? इनकी फॉर्म आती जाती रहती है, लेकिन क्लास परमानेंट हैं। कुमार विश्वास के इस ट्वीट के साथ ही अजमेर के पूर्व जिला प्रमुख और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एडवोकेट सत्यकिशोर सक्सेना ने लिखा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत जी की उदारता, सहजता व कांग्रेस के प्रति समर्पित भावना अत्यंत प्रशंसनीय है, यह राजस्थान लोक सेवा आयोग के नव मनोनीत सदस्यों का चयन प्रमाणित करता है।
सक्सेना को यह प्रतिक्रिया इसलिए देनी पड़ी क्योंकि अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कवि डॉॅ. कुमार विश्वास की पत्नी डॉ. मंजू शर्मा को सरकारी नौकरियां देने वाली संस्था राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बना दिया है। आयोग का मुख्यालय अजमेर में ही हैं, इसलिए कुमार विश्वास को अजमेर में आलीशान सरकारी बंगला, कार वेतन आदि की सुविधा मिलेंगी। एडवोकेट सक्सेना ने कुमार विश्वास के पप्पू वाले ट्वीट के साथ तीन लाइन में कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं की भावना व्यक्त कर दी है।
सब जानते हैं कि आम आदमी पार्टी में रहते हुए कुमार विश्वास ने राहुल गांधी का खूब मजाक उड़ाया। 2014 के लोकसभा के चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। चुनाव के दौरान राहुल के लिए बहुत कुछ कहा। सवाल उठता है कि जब कुमार विश्वास कांग्रेस और राहुल गांधी के इतने आलोचक रहे हैं तो फिर उनकी पत्नी को आयोग का सदस्य क्यों बनाया गया? इस सवाल का जवाब कुमार विश्वास के 3 मई 2020 के ट्वीट से ही मिलता है। यह ट्वीट कुमार ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के जन्मदिन पर किया। कुमार ने लिखा भारतीय राजनीति में इन दिनों दुर्लभ विनम्रता के सर्वसुलभ प्रतीक, वैचारिक असहमति को लोकतांत्रिक सम्मान देने वाले वीर भूमि राजस्थान के मुख्यमंत्री लोकप्रिय जननेता अशोक गहलोत को जन्मदिन पर शुभकामनाएं। ईश्वर कोरोना से युद्ध में आपके प्रयासों को सफल करके आपको जन्मदिन का उपहार दे। 
यानि इस ट्वीट में कुमार विश्वास ने सीएम गहलोत की मिजाजपुर्सी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मिजाजपुर्सी के बाद गहलोत ने भी कुमार विश्वास का धन्यवाद जताया। अजमेर के कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने भी कुमार विश्वास के ट्वीट को सराहा। 3 मई को पुरोहित जोधपुर के कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे। यानि कुमार विश्वास भले ही राहुल गांधी को पप्पू कहें, लेकिन सीएम गहलोत के प्रशंसक हैं। आयोग में सदस्य की नियुक्ति राहुल गांधी को नहीं, अशोक गहलोत को ही देनी होती है।
हालांकि आयोग एक संवैधानिक संस्था हैं, लेकिन ऐसी संस्थाओं में राजनीतिक नजरिए से ही नियुक्ति दी जाती है। 14 अक्टूबर को जिन चार सदस्यों की नियुक्ति की गई उनमें एक भी कांग्रेस संगठन से संबंध नहीं रखता है। सभी नियुक्तियां सीएम गहलोत ने अपने नजरिए से की हैं। सवाल उठता है कि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा को सदस्य बनाया जाने से पहले क्या प्रदेश के प्रभारी महासचिव अजय माकन से राय ली गई? क्या अपनी राय देने से पहले अजय माकन ने राहुल गांधी से कोई संवाद किया? क्या कांग्रेस संगठन में जब राहुल गांधी की आलोचना कोई मायने नहीं रखती है? क्या कुमार विश्वास को लेकर कांग्रेस में उच्च स्तर पर कोई मंथन हुआ है? ऐसे सवालों का जवाब तो अशोक गहलोत और अजय माकन ही दे सकते हैं। वैसे इन नियुक्तियों पर कांग्रेस के पूर्व अयक्ष सचिन पायलट को भी अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।







