- पौने दो वर्ष से गहलोत सरकार बेवकूफ़ बना रही है। अब कोई वार्ता नहीं होगी-विजय बैंसला।
- सरकार के वार्ता कार नीरज के पवन बयाना पहुंचे। भरतपुर के अधिकांश क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद।
- गहलोत सरकार ने मामले को उलझाया-पूनिया।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 17 सितम्बर को राजस्थान के भरतपुर के बयाना में गुर्जर समुदाय और प्रशासन एक फिर आमने सामने हो गए हैं। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने हजारों गुर्जरों के साथ बयाना के अड्डा गांव में अपना डेरा जमा लिया है। 80 गांवों की यह महापंचायत बेमियादी है। यह पूरा इलाका गुर्जर बहुल्य है। हर बार आंदोलन की शुरुआत यही से होती है। वहीं सरकार के वार्ता कार आईएएस नीरज के पवन भी सरकारी लवाजमे के साथ बयाना पहुंच गए हैं। पवन ने कर्नल बैंसला से शिष्टाचार के नाते मुलाकात की।
कर्नल के पुत्र और आंदोलन को दिशा देने वाले विजय बैंसला ने बताया कि फिलहाल कोई वार्ता नहीं हो रही है। नीरज के पवन को भी चाय पिलाकर रवाना कर दिया गया था। सरकार के किसी भी प्रतिनिधि से वार्ता का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस सरकार का मुख्यमंत्री बनने के बाद अशोक गहलोत ने ही संघर्ष समिति से समझौता किया। हम चाहते हैं कि उस समझौते पर अमल हो। पौने दो साल से गुर्जरों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। अब हम सरकार की वायदा खिलाफी और बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार समझौते की क्रियान्विति शुरू करें। पूर्व के आंदोलन में समझौता हो चुका है। विजय बैंसला ने कहा कि वार्ता को लेकर बेवजह का भ्रम फैलाया जा रहा है। गुर्जरों की महापंचायत को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। भरतपुर के कलेक्टर नथमल डिडेल के आदेश पर अधिकांश क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है, ताकि महापंचायत के वीडियो वायरल नहीं हो सके। पुलिस कर्मियों के अवकाश भी रद्द कर दिए गए हैं। रेलवे ट्रेक की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में आरपीएफ और एसआरपी के जवान तैनात किए हैं।
ये हैं मांगे:
गुर्जर समुदाय को दिए गए पांच प्रतिशत आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए। पूर्व में की गई भर्तियों में भी पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाए तथा प्रक्रियाधीन भर्तियों में भी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। एनबीसी कोटे से भर्ती हुए 1252 कर्मचारियों को नियमित किया जाए। पूर्व के आंदोलनों में शहीद हुए परिजन को नौकरी व मुआवजा दिया जाए। आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों का वापस लिया जाए। देव नारायण योजना प्रभावी तरीके से लागू की जाए।
सरकार ने उलझाया मामला-पूनिया:
गुर्जर समुदाय के ताजा आंदोलन के संबंध में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने मामले को उलझाया है। भाजपा तो गुर्जर समुदाय को आरक्षण देने के पक्ष में हमेशा रही है। अब जब विधानसभा में भी कानून बन गया है, तब आरक्षण देेने में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। चूंकि इस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए समस्या को सुलझाने की ज़िम्मेदारी भी सरकार की ही है। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिले में जान माल की सुरक्षा भी होनी चाहिए।







