वाकई शराब की कमाई में बहुत ताकत है; मंदिर परिसर की भूमि पर शराब की दुकान खोलने से भी परहेज नहीं।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – शराब की कमाई में कितनी ताकत है, इसका अंदाजा अजमेर के पुष्कर रोड स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण की हरिभाऊ उपाध्याय नगर मुख्य बी ब्लॉक (राधा विहार) योजना में बाबा रामदेव मंदिर परिसर की भूमि पर अंग्रेजी शराब की दुकान खुलना है। यह दुकान अजमेर के आबकारी विभाग ने क्षेत्रवासियों के विरोध को दरकिनार करते हुए खोली है। दुकान की अनुमति देने से पहले ही आबकारी विभाग को बता दिया गया था कि जिस कब्जाशुदा सम्पत्ति में शराब की दुकान खोली जा रही है, वह अजमेर विकास प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि है। प्राधिकरण के नक्शे में भूमि को बाबा रामदेव मंदिर की माना गया है। इतना ही नहीं शराब की दुकान की दीवार के पीछे ही बाबा रामदेव की प्रतिमा लगी हुई है। लेकिन क्षेत्रवासियों के विरोध और मंदिर परिसर को दरकिनार कर अंग्रेजी शराब की दुकान एक जुलाई से शुरू कर दी गई। विभाग की इस कार्यवाही के विरोध में में दो जुलाई को क्षेत्रवासियों ने फिजिकल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए शराब की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में क्षेत्रीय पार्षद महेन्द्र जैन मित्तल, मनोनीत पार्षद शैलेन्द्र अग्रवाल, साहित्यकार उमेश चौरसिया,संजय लढ्ढा, गौतमचंद लूणावत, श्यामलाल साहू, संतोष कांसवा, बनवारी लाल, प्रदीप नाहर, विमल जैन, विजय बंसल, जयप्रकाश सोनी के साथ-साथ महिलाएं भी उपस्थित थी। सभी ने शराब की दुकान बंद किए जाने की मांग की। विकास समिति के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल और महासचिव अरविंद गर्ग का कहना रहा कि जो सम्पत्ति प्राधिकरण की है उस पर वाणिज्यिक गतिविधियां की जा रही है। आबकारी विभाग ने नियमों की अवेहलना कर दुकान की अनुमति दी है। क्षेत्रीय विधायक वासुदेव देवनानी और कांग्रेस के प्रदेश मंत्री महेन्द्र सिंह रलावता ने कहा कि जब क्षेत्रवासी विरोध कर रहे हैं तब शराब की दुकान नहीं खोली जानी चाहिए। दोनों ने कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से शराब की दुकान बंद करवाई जाए।

जांच करवाई जाएगी-एडीए सचिव

प्राधिकरण के सचिव किशोर कुमार ने कहा कि जिस सम्पत्ति पर शराब की दुकान खोली गई है, उसके मालिकाना हक की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने माना कि प्राधिकरण की हरिभाऊ उपाध्याय नगर मुख्य बी ब्लॉक योजना में बाबा रामदेव का मंदिर का निर्धारण है। प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि पर वाणिज्यिक गतिविधि नहीं हो सकती है। वैसे यह योजना पूरी तरह आवासीय है, जिसमें कामर्शियल उपयोग नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

महिला के नाम पर शराब का लाइसेंस

प्राधिकरण की आवासीय कॉलोनी में मंदिर परिसर की भूमि पर जो शराब की दुकान खोली गई है,उसका लाइसेंस प्रताप सिंह की पुत्री सुमन रावत के नाम है। पहले यह दुकान वैशाली नगर में थी, लेकिन अब इसे राधा विहार आवासीय कॉलोनी में शिफ्ट किया गया है। बताया जाता है कि शराब की दुकान के संचालन में प्रभावशाली लोगों की भूमिका है जिन्हें राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त है।

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