एक डॉक्टर और चार नर्सिंग कर्मियों के संक्रमित मिलने के बाद अजमेर के कार्डियोलॉजी विभाग के हालात भी बिगड़े।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर संभाग के सबसे बड़े जेएलएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में एक जुलाई को एक चिकित्सक और चार नर्सिंग कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद विभाग के हालात बिगड़ गए हैं। प्रतिदिन 400 मरीजों के ओपीडी वाले कार्डियोलॉजी विभाग के मरीज अब भगवान भरोसे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि विभागाध्यक्ष डॉ. आरके गोखरू भी 14 जुलाई तक के लिए होम क्वारंटीन हो गए हैं। डॉ. गोखरू प्रतिदिन करीब 14 मरीजों की एंज्योग्राफी, एंज्योप्लाटी आदि करते रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में भी कार्डियोलॉजी के वार्डों में 75 मरीज भर्ती रहे। जानकार सूत्रों के अनुसार मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग जेएलएन अस्पताल प्रशासन से की गई थी, लेकिन प्रशासन ने संख्या बढ़ाने के बजाए घटा दी। आज की स्थिति में विभाग में दो मेडिकल ऑफिसर, 2 लेक्चरार, 6 रेजीडेंट व एक विभागाध्यक्ष है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यह संख्या ना काफी है। विभागाध्यक्ष डॉ. गोखरू ने भी माना है कि विभाग में चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों की कमी है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन को एक पत्र भी लिखा है।
पीपीई किट तक नहीं:
अब जब अस्पतालों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है तब चिकित्सा कर्मियों के लिए भी पीपीई किट की जरुरत महसूस की जा रही है। कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती चार मरीजों की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। ऐसे में विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों को भी खतरा है। ऐसे खतरे को भांपते हुए ही अस्पताल प्रशासन से पीपीई किट की मांग की गई थी, लेकिन कार्डियोलॉजी विभाग में पीपीई किट उपलब्ध नहीं करवाए गए। यदि पीपीई किट उपलब्ध करवा दिए जाते तो संभवत है कि कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सक और नर्सिगकर्मी संक्रमित नहीं होते। ऐसा नहीं है कि अस्पताल प्रशासन के पास पीपीई किट नहीं है। भगवंत यूनिवर्सिटी ने ही अपने सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत अस्पताल प्रशासन को एक हजार पीपीई किट नि:शुल्क उपलब्ध करवाए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य स्वयं सेवी संगठनों ने भी अस्पताल प्रशासन को पीपीई किट दिए। अस्पताल के पास स्वयं का भी फंड होता है, जिससे पीपीई किट खरीदे जा सकते हैं। मौजूदा हालात में अजमेर के कार्डियोलॉजी विभाग के हालात बिगड़े हुए हैं, जिससे हृदय रोग के मरीजों को भारी परेशानी हो रही है।

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