जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कोरोना काल में अजमेर जिला प्रशासन ने अजमेर के दानदाताओं से कोविड-19 अजमेर रिलीफ फंड में जो राशि प्राप्त की वह अब अजमेर में ही खर्च होगी। मालूम हो कि करीब 80 लाख रुपए की राशि इस फंड में एकत्रित की गई थी, लेकिन इस राशि को जिला प्रशासन ने सीएम रिलीफ फंड कोविड-19 में जमा करवा दिया था।
इस पर भाजपा के युवा नेता एडवोकेट देवेन्द्र सिंह शेखावत ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। कोर्ट ने इस याचिका पर राज्य सरकार और अजमेर प्रशासन को नियमो के अनुरूप उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कोर्ट के इन निर्देशों के बाद 2 जुलाई को जिला कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा ने शेखावत को सूचित किया है कि 80 लाख रुपए की राशि राज्य सरकार ने वापस लौटा दी है।
यह राशि अब अजमेर में कोरोना महामारी के निदान के कार्यों पर ही खर्च होगी। शेखावत ने कलेक्टर के इस निर्णय का स्वागत किया है। शेखावत ने कहा कि उन्होंने अजमेर के लोगों के लिए जो कानूनी लड़ाई लड़ी उसमें सफलता मिल गई है। शेखावत ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि 80 लाख रुपए से उन चिकित्सा कर्मियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो कोरोना वायरस को नियंत्रण करने का काम कर रहे हैं। ऐसे अनेक चिकित्सा कर्मी है, जिन्हें पर्याप्त साधन और सुविधाएं नहीं मिल रही है। यहां तक कि चिकित्सकों के पास पीपीई किट तक उपलब्ध नहीं है। इसके लिए मोबाइल नम्बर 9749922222 पर एडवोकेट शेखावत को बधाई दी जा सकती है।







