- अजमेर में बड़ी मात्रा में दूषित मावा नष्ट किया। प्रमुख हलवाईयों की दुकानों के मावे के सैम्पल लिए।
- मिठाई की दुकान पर रखी ट्रे पर एक्सपायरी डेट का अंकन जरूरी।
- अजमेर जिले के मिलावटखोरों के विरुद्ध कंट्रोल रूम के फोन नम्बर 0145-2631111 व 0145-2627300
- पर सूचना दी जा सकती है। 51 हजार का ईनाम भी मिलेगा।
- कानून की खामी की वजह से बच जाते हैं मिलावटखोर-चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 26 अक्टूबर से राजस्थान भर में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान 14 नवम्बर तक चलेगा। सरकार का उद्देश्य दीपावली के पर्व पर आम लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना है। अभियान की सफलता के लिए अजमेर के जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने दो टीमें बनाई हैं। एक टीम का नेतृत्व उपखंड अधिकारी अवधेश मीणा व दूसरी टीम का नेतृत्व प्रोटोकॉल अधिकारी आलोक जैन कर रहे हंै।
खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वालों की शिकायत अजमेर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कंट्रोल रूम के फोन नम्बर 0145-2631111 व 0145-2627300 पर कोई भी कर सकता है। सूचना सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को 51 हजार रुपए का नकद पुरस्कार भी मिलेगा। 26 अक्टूबर को अवधेश मीणा वाली टीम ने मदार गेट स्थित मावा मंडी पर छापामार कार्यवाही की। कई मावा विक्रेताओं के मावे के सैम्पल लिए तथा तुलसीराम मोहनलाल की दुकान पर रखा 25 किलो मावा नष्ट करवाया। मौके पर की गई जांच में यह मावा दूषित पाया गया था। मदार गेट पर ही पंडित बद्रीप्रसाद हलवाई और खंडेलवाल स्वीट्स के मावे के नमूने भी लिए गए।
इसी प्रकार पड़ाव स्थित एक नमकीन की दुकान पर भी छापामार कार्यवाही की गई। केसरगंज में गोल चक्कर स्थित महावीर मिष्ठान भंडार के मावे के नमूने भी लिए गए। मीणा ने बताया कि जिन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, उनकी जांच केन्द्रीय प्रयोगशाला में करवाई जाएगी। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में प्र्रभावी कार्यवाही की शुरुआत की गई है। किसी भी मिलावट खोर को बक्शा नहीं जाएगा।
ट्रे पर एक्सपायरी डेट का अंकन जरूरी:
केन्द्र सरकार ने जो नया उपभोक्ता संरक्षण कानून बनाया है, उसके अंतर्गत मिठाई की दुकान में रखी ट्रे पर मिठाई की एक्सपायरी डेट का अंकन जरूरी है। यानि अब विक्रेता को उपभोक्ता को यह बताना होगा कि मिठाई का उपयोग कितने दिनों तक किया जा सकता है। जो विक्रेता टे्र पर मिठाई की एक्सपायरी डेट नहीं लिखेगा उसके विरुद्ध कार्यवाही होगी।
बच जाते हैं मिलावट खोर:
सरकार के शुद्ध के लिए युद्ध अभियान की शुरुआत पर प्रदेश के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि इसमें आम लोगों को भी जागरुकता दिखानी चाहिए। सरकार का कोई भी अभियान तभी सफल होगा, जब जागरुक लोगों की भागीदारी होगी। शर्मा ने कहा कि लोग मिलावट खोर के बारे में नि:संकोच होकर संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे। शर्मा ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण का जो नया कानून बनाया गया है उसमें आरोपी विक्रेता को अपील करने की सुविधा दी गई है। यानि जिस विके्रता को स्वास्थ्य विभाग दोषी मानकर जुर्माना लगाता है, वह विक्रेता न्यायालय में अपील कर सकता है, इस कानून में खामी की वजह से कई बार मिलावट खोर बच जाते हैं। शर्मा ने कहा कि वे केन्द्र सरकार से भी आग्रह करेंगे कि कानून की इस खामी को दूर किया जाए।







