- कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की जिद्द पूरी नहीं हो सकती-सरकार समर्थक गुट।
- सरकार जब मांगों पर सहमत है तो क्रियान्विति क्यों नहीं करती?-विजय बैंसला।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 5 नवम्बर को राजस्थान में पांचवें दिन भी गुर्जर समुदाय का आंदोलन जारी रहा। भरतपुर के बयाना से गुजरने वाला दिल्ली मुम्बई रेल ट्रेक एक नवम्बर से ही बंद पड़ा है। सैकड़ों गुर्जर इसी रेल टे्रक में रात दिन धरना दे रहे हैं। प्रदेश में जगह जगह सड़क मार्ग भी जाम हो रहे हैं। चूंकि 6 नवम्बर से प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा होनी है, इसलिए गुर्जरों का आंदोलन समाप्त करवाने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
6 हजार 348 कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए 17 लाख 60 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। तीन दिन चलने वाली कांस्टेबल परीक्षा के लिए लाखों युवा एक दूसरे जिले में जाएंगे। ऐसे में यदि रेल ट्रेक और सड़क मार्ग बाधित होते हैं तो युवाओं को परेशानी होगी। भरतपुर और जयपुर संभाग के 6 जिलों में गत 29 अक्टूबर से ही इंटरनेट बद पड़ा है। इससे इन 6 जिलों के हजारों युवा कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र भी डाउनलोड नहीं कर सके हैं। राज्य सरकार चाहती है कि अब किसी भी स्थिति में गुर्जरों का आंदोलन खत्म करवाया जाए। सरकार की इसी रणनीति के तहत सरकार समर्थक गुर्जरों का एक गुट आंदोलन प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा गया है। इसी गुट ने हाल ही में सरकार से वार्ता की थी। वार्ता के बाद इस गुट ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से भी आग्रह किया था कि आंदोलन नहीं किया जाए। सरकार समर्थक गुट के
प्रतिनिधि अतर सिंह ने बयाना में पहुंच कर मीडिया को बताया कि गुर्जर बहुल्य 80 गांवों के प्रतिनिधियों ने ही सरकार से वार्ता की थी। यह वार्ता भी कर्नल बैंसला की सहमति से हुई थी। सरकार हमारी सभी मांगों पर सहमत है, लेकिन कर्नल बैंसला बेवजह की जिद्द कर रहे हैं। कर्नल बैंसला का धरना स्थल पर कहना है कि बैकलॉक की 35 हजार भर्तियों का आदेश सरकार रेल पटरी पर लेकर आएगी। इससे गुर्जर समाज का युवा भ्रमित है। बैकलॉक की भर्तियों का मामला पहले ही हाईकोर्ट में चल रहा है। ऐसे में सरकार बैकलॉक वाली भर्तियों का लाभ गुर्जरों को नहीं दे सकती है। अतर सिंह ने कहा कि हम लोग आंदोलन कारियों के बीच जाकर गुर्जरों को समझाएंगे। जब सरकार का रुख सकारात्मक है, तब आंदोलन की कोई जरुरत नहीं है। कर्नल के समर्थकों को अब रेल ट्रेक खाली कर देना चाहिए। कांस्टेबल परीक्षा में भी गुर्जर समाज के युवक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। इस परीक्षा में गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है।
तो सरकार क्रियान्विति क्यों नहीं करती-बैंसला:
मौजूदा आंदोलन के प्रमुख और कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पुत्र विजय बैंसला ने कहा कि जब सरकार हमारी मांगों से सहमत है तो फिर क्रियान्विति क्यों नहीं करती है? बैंसला ने कहा कि लोगों को हम नहीं, वो लोग गुमराह कर रहे हैं जो अपने निहित स्वार्थों के खातिर सरकार से मिले हुए हैं। जब सरकार पांच प्रतिशत आरक्षण दे रही तो बैकलॉक का लाभ देने में क्या एतराज है। विजय बैंसला ने कहा कि कुछ लोग हैं जो सरकार के इशारे पर गुर्जरों की एकता को तोडऩा चाहते हैं। लेकिन गुर्जरों खास कर युवा वर्ग को कर्नल बैंसला पर पूरा भरोसा है। हम सरकार को पहले ही भरोसा दिला चुके हैं कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार का उपद्रव नहीं होगा। जिन जिलों में सरकार ने इंटर नेट बंद कर रखी है, वहां तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाएं बहाल होनी चाहिए।







