- सातवें दिन भी राजस्थान में जारी रहा गुर्जर आंदोलन।
- मुख्य सचिव निरंजन आर्य भी सक्रिय हुए।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 7 नवम्बर को राजस्थान में लगातार सातवें दिन गुर्जर आंदोलन जारी रहा। भरतपुर जिले के बयाना से गुजरने वाले दिल्ली-मुम्बई रेल ट्रक पर सैकड़ों गुर्जर गत एक नवम्बर से रात और दिन धरना दे रहे हैं। इससे लाखों रेल यात्रियों को रोकना परेशानी हो रही है। आंदोलन के दौरान यह पहला अवसर रहा, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी गुर्जर आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पायलट स्वयं भी गुर्जर समुदाय के ही है।
पायलट ने कहा कि जो बातें हुई है, उन पर अमल किया जाना चाहिए। पायलट ने माना कि राज्य सरकार हर लेबल पर आंदोलन को समाप्त करने में लगी हुई है। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में हुए विधानसभा के चुनाव में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए पायलट ने ही वायदा किया था कि पांच प्रतिशत आरक्षण के साथ साथ भर्तियों में बैकलॉक का फायदा भी गुर्जर समुदाय को दिलवाया जाएगा। भले ही अब राज्य सरकार के साथ बैकलॉक पर सहमति नहीं बन रही हो, लेकिन पायलट ने इस मांग पर अपनी सहमति जताई है।
पायलट ने यह भी स्पष्ट किया कि वे राजस्थान में रह कर ही हमेशा कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने जो तीन सदस्य समिति बनाई थी उसका काम जारी है। आने वाले दिनों में समिति द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हो जाएगी। पायलट ने यह भी कहा कि जिस प्रकार 6 नगर निगमों के चुनाव में कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन रहा है, उसी तरह पंचायतीराज के चुनाव में भी कांग्रेस को जीत हासिल होगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि गत जुलाई माह में पायलट ने जो बगावत की थी उसके बाद पायलट को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तथा डिप्टी सीएम के पद से हटा दिया गया था। हालांकि बाद में पायलट समर्थक 18 विधायकों के समर्थन से राजस्थान में गहलोत सरकार ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया, लेकिन सरकार और संगठन में पायलट की भूमिका देखने को नहीं मिल रही है। शायद पायलट अब वक्त का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्य सचिव सक्रिय:
गुर्जर समुदाय अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश में सातवें दिन भी आंदोलन करता रहा। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है कि वे सरकार के मंत्री अशोक चांदना से किसी भी स्थान पर बात करने को तैयार है। इस बीच आईएएस नीरज के पवन भी समस्या का समाधान करने में जुटे हुए हैं। 7 नवम्बर को मुख्य सचिव निरंजन आर्य की भी सक्रिय भूमिका देखी गई। गुर्जर समुदाय की अब मुख्य मांग भर्तियों में बैकलॉक दिलाने की है। यदि यह मांग पूरी होती है तो करीब 35 हजार गुर्जर युवकों को नौकरी मिल जाएगी।
हालांकि बैकलॉक का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन फिर भी मुख्य सचिव आर्य कोई रास्ता निकालने में जुटे हुए हैं। इस बीच संघर्ष समिति के प्रमुख प्रतिनिधि विजय बैंसला ने कहा कि सरकार हमारे आंदोलन को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लगातार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को चला रहे हैं। लेकिन अब कुछ अलग करना पड़ेगा। गुर्जर समुदाय के युवक किसी भी स्थिति में जाने को तैयार है। वहीं इस बार यह माना जा रहा है कि कर्नल बैंसला के आंदोलन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट रही है। आंदोलन को और प्रभावी बनाने के लिए 7 नवम्बर को कर्नल बैंसला ने दौसा जिले के गुर्जर बहुल्य क्षेत्रों का दौरा कर पंच पटेलों संवाद किया है।







