नीतिश कुमार को आमंत्रित कर दिग्विजय सिंह ने फिर उड़ाया कांग्रेस का मजाक।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 11 नवम्बर को अपने दोस्तों के साथ राजस्थान के पर्यटन स्थल जैसलमेर आना था। राहुल के दो दिवसीय दौरे के लिए जैसलमेर प्रशासन ने तैयारियाँ कर ली थीं। चूंकि राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है, इसलिए राहुल के स्वागत सत्कार में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही थी। लेकिन 11 नवम्बर को प्रात: सूचना आई कि राहुल गांधी का जैसलमेर दौरा रद्द हो गया है।
हालांकि अधिकृत तौर पर दौरा रद्द होने के कारण नहीं बताए जा रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि बिहार में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन मात्र 19 सीटों पर ही जीत मिली है। कांग्रेस के लिए यह अब तक की सबसे बुरी हार है। गत बार कांग्रेस 41 सीटों पर चुनाव लड़ा था, तब 27 सीटों पर विजयी मिली थी। इस बार कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए राहुल गांधी ने कई बार रैलियाँ की। लेकिन 70 में से मात्र 19 उम्मीदवार ही जीत पाए। इतनी बुरी हार के बाद भी यदि राहुल गांधी अपने दोस्तों के साथ जैसलमेर घूमने आते तो राजनीतिक माहौल गर्म होता। विपक्षी दलों को राहुल गांधी की राजनीतिक गंभीरता पर सवाल उठाने का मौका मिल जाता। लोकलाज को ध्यान में रखते हुए ऐन मौके पर दौरा रद्द कर दिया गया। इससे जैसलमेर प्रशासन ने भी राहत महसूस की है। उल्लेखनीय है कि सर्दियां शुरू होने के साथ ही रेतीले भू भाग जैसलमेर में देशी-विदेशी सैलानियों का आना शुरू हो जाता है।
कांग्रेस का फिर मजाक उड़ाया
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रहे और मौजूदा समय में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अपने बयानो से आए दिन कांग्रेस का मज़ाक उड़ाते रहते हैं। 11 नवम्बर को दिग्विजय सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार को आरजेडी और कांग्रेस के गठबंधन में आमंत्रित किया। दिग्विजय ने नीतिश से कहा है कि वे भाजपा का साथ छोड़कर तेजस्वी यादव के साथ आ जाएं। दिग्विजय सिंह ने यह बयान तब दिया है, जब उनके गृह प्रदेश मध्यप्रदेश में उपचुनावों में कांग्रेस को बुरी हार मिली है।
दिग्विजय सिंह और कमल नाथ के कारण ही एमपी में कांग्रेस की सरकार गवानी पड़ी और अब 28 उपचुनाव में से कांग्रेस को मात्र 7 सीटों पर जीत मिली है। अपने प्रदेश की हार पर अफसोस जाहिर करने के बजाए दिग्विजय सिंह को भी पता है कि जेडीयू की कम सीटें आने के बाद भी भाजपा नीतिश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाने जा रही है और फिर दिग्विजय को बिहार में कांग्रेस की स्थिति भी देखनी चाहिए। कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटें मिली है।
जबकि जेडीयू को 43 सीटें मिली है। ऐसे में नीतिश कुमार आरजेडी व कांग्रेस के गठबंधन के साथ क्यों आएंगे। पूरे चुनाव में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने नीतिश कुमार के कुशासन की ही आलोचना की। चूंकि दिग्विजय सिंह के ऐसे बयान से कांग्रेस का मजाक उड़ रहा है, लेकिन बिहार के कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय सिंह के बयान से पल्लाझाड़ दिया है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह दिग्विजय सिंह का निजी बयान है, इससे कांग्रेस पार्टी का कोई संबंध नहीं है।







