आखिर वार्ता की टेबल पर आए कर्नल बैंसला और उनके पुत्र।

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  • जयपुर में कैबिनेट सब कमेटी के साथ सकारात्मक वार्ता।
  • भरतपुर में गुर्जर आंदोलन खत्म होने के आसार।
  • दिल्ली मुम्बई रेल ट्रेक भी खाली हो जाएगा।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 11 नवम्बर को जयपुर में आरएससीबी के गेस्ट हाउस में गुर्जर आंदोलनकारियों और कैबिनेट की सब कमेटी के तीन मंत्रियों के बीच सकारात्मक वार्ता हो रही है। उम्मीद है कि इस वार्ता के बाद भरतपुर में चल रहा गुर्जर आरक्षण आंदोलन समाप्त हो जाएगा। पिछले दस दिनों से बयाना से गुजरने वाले दिल्ली मुम्बई रेल ट्रेक पर आंदोलनकारी गुर्जरों का कब्जा है। चूंकि 11 नवम्बर को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और उनके पुत्र विजय बैंसला 11 प्रतिनिधियों के साथ जयपुर आकर वार्ता में शामिल हो गए हैं। इसलिए उम्मीद है कि अब भरतपुर में चल रहा आंदोलन समाप्त हो जाएगा।

 

 

अब तक कर्नल बैंसला और उनके पुत्र सरकार से टेबल पर वार्ता से इंकार कर रहे थे। पिता-पुत्र का लगातार कहना रहा कि गत वर्ष फरवरी में सरकार ने जो लिखित समझौता किया, उसे लागू किया जाए। लेकिन अब कर्नल बैंसला और उनके पुत्र ने जिद को छोड़ते हुए वार्ता शुुरू कर दी है। यह वार्ता भी बयाना के रेल ट्रेक पर नहीं बल्कि जयुपर स्थित सरकारी गेस्ट हाउस में हो रही है। इस वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री बीडी कल्ला, टीकाराम जूली और सुभाष गर्ग भाग ले रहे हैं। गुर्जर नेताओं की मांग है कि सरकार ने जो पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण दिया है उसके अनुरूप पूर्व की भर्तियों में भी पांच प्रतिशत का हिसाब लगाकर नई भर्तियों में बकाया आरक्षण दिया जाए।

 

 

यदि सरकार ऐसा करती है तो 35 हजार गुर्जरों को अतिरिक्त आरक्षण मिलेगा। हालांकि गुर्जर नेताओं की बैकलॉक वाली इस मांग से सरकार सहमत नहीं है। सरकार ने हाईकोर्ट में चल रहे मामले का हवाला देते हुए पहले ही इस मांग को मानने से इंकार कर दिया है। पूर्व के आंदोलनों में दर्ज मुकदमों को वार्ता लेने पर सरकार की ओर से सहमति जताई है। सरकार की आरे से यह भी कहना है कि गुर्जरों को दिए गए पांच प्रतिशत विशेष आरक्षण को कानूनी दृष्टि से मजबूती दिलवाने के लिए केन्द्र की नवीं अनुसूची में शामिल करवाने के प्रयास किए जाएंगे। देव नारायण योजना में बजट देने पर भी सरकार सहमत है। असल में इस वार्ता के लिए सरकार ने भी अपना रुख नरम किया है।

 

 

पिछले दस दिनों के आंदोलन में सरकार ने कम से कम तीन बार भरतपुर के आंदोलनकारियों के विरुद्ध रेल ट्रेक जाम करने, कोविड-19 के नियमों को तोडने आदि के मुकदमें दर्ज किए हैं। ऐसे मुक्दमें कर्नल बैंसला और उनके पुत्र विजय बैंसला के विरुद्ध भी दर्ज किए हैं। लेकिन अब सरकार इन्हीं गुर्जर नेताओं से सरकारी गेस्ट हाउस में टेबल पर वार्ता कर रही हैै। माना जा रहा है कि भरतपुर में कर्नल बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के नेतृत्व को लेकर भी विरोध हो रहा है। इस बार गुर्जर आंदोलन की कमान विजय बैंसला के पास है। जानकार सूत्रों के अनुसार सकारात्मक वार्ता को देखते हुए ही अब गुर्जर आंदोलन के समाप्त होने के आसार हैं। हो सकता है कि वार्ता के बाद 11 नवम्बर की रात को ही कर्नल बैंसला और उनके पुत्र की मुलाकात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हो। सीएम गहलोत का भी लगातार प्रयास है कि गुर्जर आंदोलन जल्द से जल्द समाप्त हो। रेल ट्रेक जाम होने से दिल्ली मुम्बई के बीच चलने वाली 15 से भी ट्रेनें डायवर्ड की गई है, जिसकी वजह से लाखों यात्रियों को परेशानी हो रही है।

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