मुंबई (प्रतिनिधी हितेश मिस्त्री) – मुंबई से सटे ठाणे शहर के रुद्र प्रतिष्ठान किसी नाम का मोहताज नहीं है, कोरोना काल में संस्थापक धनंजय सिंह के नेतृत्व में कई हजार लोगों तक मदद पहुंचाई गई। अब कोरोना योद्धाओं का सम्मान जय फाउंडेशन और रूद्र प्रतिष्ठान के बैनर तले महाराष्ट्र के महामहिम भगत सिंह कोश्यारी के हाथों किया जा रहा है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई कोरोना काल में सबसे ज्यादा प्रभावित थी ,मुंबई में कुछ समाज सेवक और निष्ठावान व्यक्ति ना होते तो हालात काफी खराब हो जाता, कोरोना काल में अपने जमा पैसों से लोगों की मदद करने वाले मॉरेस नरोहना को रूद्र प्रतिष्ठान के बैनर तले राज्यपाल के हाथों कोरोना योद्धा का सम्मान दिया गया ।आपको बता दें कि यूएस में बिजनेस करने वाले मॉरेस नरोहना कोरोना काल में मुंबई के बोरीवली में थे ,हालात और परिस्थिति देख अपनी दरियादिली दिखाएं लगभग 30 लाख लोगों तक मदद पहुंचाएं। जिसे ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यपाल के हाथों कोरोना योद्धा का सम्मान पत्र दिया गया। 
साथ ही कोरोना काल में मीडिया के माध्यम से आम जनता की समस्या को सरकार से अवगत कराने वाले पत्रकार मुरारी सिंह वह ब्यूरो चीफ अशरफ अंसारी को भी राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया गया। उत्तराखंड के रहने वाले अशरफ अंसारी इन दिनों मुंबई गोवा और उत्तराखंड में मीडिया प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं, इन्होंने कोरोना काल में नियंत्रण लोगों की समस्याओं को सरकार से अवगत कराएं। रूद्र प्रतिष्ठान के संस्थापक धनंजय सिंह सिसोदिया व जय फाउंडेशन के सहयोग से धनंजय सिंह सिसोदिया ने कई समाज सेवक और जांबाज पत्रकारों का सम्मान करवाएं , रूद्र प्रतिष्ठान के संस्थापक धनंजय सिंह ने कोरोना काल में कई हजार लोगों की मदद की ,जरूरतमंदों के लिए मसीहा बने और अब उन तमाम कोरोना योद्धाओं को रूद्र प्रतिष्ठान व जय फाउंडेशन बैनर तले राज्यपाल के हाथों सम्मानित करवा रहे धनंजय सिंह का यह कार्य समाज सेवक और पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक है।







