- जैन साध्वियों को सभाओं में प्रवचन दिलवाने की शुरुआत जैन संत विजय वल्लभ सुरीश्वर ने की थी।
- साधु संत मिलकर आत्मनिर्भर भारत अभियान की पीठिका तैयार करें।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 16 नवम्बर को राजस्थान के पाली जिले में जैतपुर में जैन संत आचार्य विजय वल्लभ सुरीश्वर की 13 फिट ऊंची प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से किया। इस मौके पर जैतपुर में आयोजित समारोह में उपस्थित जैन साधु साध्वियों एवं गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में जब स्वतंत्रता आंदोलन की अखल जगाई जा रही थी, तब देशवासियों को आध्यात्म और भारत की सनातन संस्कृति के प्रति जागरुक करने के लिए आचार्य विजय वल्लभ धार्मिक आंदोलन चला रहे थे।
नारी शिक्षा का महत्व समझते हुए ही आचार्य वल्लभ सुरीश्वर ने सभाओं में प्रवचन के लिए जैन साध्वियों से शुरुआत करवाई। इससे उनकी नारी शिक्षा के प्रति दूरदृष्टि का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैंने ही सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया और आज जैन संत विजय वल्लभ सुरीश्वर की 151वीं जयंती के मौके पर उन्हीं की प्रतिमा का अनावरण भी कर रहा हू।
सरदार पटेल पर देश को एक माला में पिरोने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, तो आचार्य विलय वल्लभ ने अपने जीवनकाल में देश की सनातन संस्कृति को मजबूत करने का काम किया। पीएम ने कहा कि आज आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने की जरुरत है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विजय वल्लभ सुरीश्वर जैसे अनेक धर्मगुरुओं साधु संतों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की पीठिका तैयार की। और आज भारत के लिए आत्मनिर्भरता की पीठिका तैयार करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि धर्म गुरु और साधु संत अपने प्रवचनों में वॉकल फोर लोकल का मंत्र अनुयायीयों को दें। गुलामी के दौर में अनेक साधु संतों ने पैदल यात्राएं कर नागरिकों को जगाया।
आज उसी भावना की जरुरत है। जिस प्रकार गुलामी के दौर में साधु संतों ने भक्ति आंदोलन की शुरुआत की, उसी प्रकार आज आत्मनिर्भर भारत के लिए आंदोलन चलाने की जरुरत है। आचार्य विजय वल्लभ ने गुलामी के दौर में अनेक विद्यालयों की स्थापना की। आचार्य को पता था कि अंग्रेज शासक जो शिक्षा दे रहे है उससे भारत की सनातन संस्कृति की रक्षा नहीं हो सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने भी नारी शिक्षा और नारी के सम्मान को महत्व दिया है। आज बड़े पदों पर महिलाएं काम कर रही हैं। सेना में भी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ही तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनाया गया है। समारोह में अनेक जैन संत उपस्थित रहे। पीएम के संबोधन से पहले जैन संतों ने नरेन्द्र मोदी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नेता बताया। जैन संतों ने कहा कि मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का सम्मान बढ़ाया है। आचार्य विजय वल्लभ सुरीश्वर की 13 फिट प्रतिमा को स्टैच्यु ऑफ पीस कहा गया है।







