राहुल गांधी की बुद्धिमता पर बराक ओबामा को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं।

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बराक ओबामा पहले अपने मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरकतों को देख लें।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राहुल गांधी की बुद्धिमता को लेकर अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी पुस्तक अ प्रोमिस्ड लैंड में प्रतिकूल टिप्पणी की है। बराक का मानना है कि भारत की राजनीति में राहुल गांधी एक ऐसे राजनेता हैं जो नर्वस और अपरिपक्व गुणों वाले छात्र हैं। ऐसा छात्र शिक्षक को प्रभावित करने की कोशिश तो करता है, लेकिन उसमें विषय को समझने की काबिलियत और जूनून की कमी है। सवाल उठता है कि ओबामा ने राहुल पर ऐसी टिप्पणी क्यों की?

 

राहुल गांधी कांग्रेस के कोई साधारण सांसद नहीं है। राहुल गांधी उस कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेता है, जिसकी राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्यों में सरकारें हैं। राहुल गांधी जो नीतियां बनाते हैं उन्हीं की क्रियान्विति कांग्रेस शासित राज्यों में होती है। राहुल की कांग्रेस पार्टी ने ही देश में पचास वर्षों तक शासन किया है। भले ही अनेक लोग राहुल गांधी के विचारों से सहमत नहीं हो, लेकिन एक भारतीय राजनेता के बारे में ऐसी टिप्पणी शोभा नहीं देता। बराक ओबामा को बताना चाहिए कि आखिर राहुल गांधी उन्हें क्यों मंदबुद्धि वाले राजनेत लगे?

 

बराक ओबामा 2008 से 2016 तक अमरीका के राष्ट्रपति रहे। भारत में 2008 से मई 2014 तक कांग्रेस का ही राज रहा। तब भले ही डॉ. मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे, लेकिन सरकार में राहुल गांधी सबसे ताकतवर नेता थे। इन 6 वर्ष की अवधि में राष्ट्रपति रहते हुए ओबामा को राहुल गांधी से मिलने का कई बार अवसर मिला होगा। अब जब भारत में कांग्रेस का शासन खत्म हुए 6 वर्ष हो गए हैं, तब बराक ओबामा को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।

 

राहुल गांधी पर टिप्पणी करने से पहले ओबामा को अपने देश के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरकतों को देख लेना चाहिए। खुद अमरीका के लोग ट्रंप को किस निगाह से देखते हैं, पहले इसका पता लगाया जाए। राहुल गांधी पर प्रतिकूल टिप्पणी कर बराक ओबामा भारत में अपनी कुछ पुस्तकें बेच लें, लेकिन भारतीयों के मन में ओबामा के प्रति कोई सम्मान नहीं होगा। ताजा टिप्पणी से भाजपा के नेता खुश हो सकते हैं, लेकिन यह तरीका अच्छा नहीं है। भारत में लोकतंत्र है और नेताओं को चुनाव में पअनी योग्यता दिखानी ही पड़ती है। अयोग्य नेताओं को जनता नकार देती है। आखिर डोनाल्ड ट्रंप को भी अमरीका की जनता ने नकारा है। अमरीका में अब ओबामा की पार्टी ही सत्ता में आ रही है।

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