इस बार राजस्थान में दीपावली पर फटाखे नहीं जले। सीएम अशोक गहलोत की अपील का सौ प्रतिशत असर हुआ।

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  • आसान नहीं था लोगों की भावनाओं को रोकना।
  • आगजनी की घटनाएँ भी नहीं हुई।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – इस बार दीपावली के अवसर पर 13 व 14 नवम्बर 2020 को राजस्थान भर में फटाखों की आवाज सुनाई नहीं दी। दीपावली पर्व के इतिहास में पहला अवसर होगा कि जब लोगों ने एकाध फटाखा जला कर धार्मिक रस्म भी नहीं निभाई। असल में कोरोना संक्रमण के दौर में सांस रोगियों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश वासियों से अपील की थी कि इस बार फटाखे न जलाएं जाएं।

 

सीएम का तर्क रहा कि फटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं वातावरण को दूषित करता है, इससे कोरोना काल में पीडि़त सांस रोगियों को भारी परेशानी होगी। सीएम की इस अपील का प्रदेश वासियों पर सौ प्रतिशत असर हुआ और लोगों ने 13 व 14 नवम्बर को वाकई फटाखें नहीं जलाए। हालंकि सरकार ने फटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी थी और फटाखे जलाने पर दो हजार रुपए का जुर्माना भी लागू कर दिया था, लेकिन सब जानते हैं कि लोगों की धार्मिक भावनाओं के आगे सरकार के नियम कायदे धरे रह जाते हैं। ऐसे कई मौके आते हैं कि धर्मांध लोग कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं, लेकिन इस बार राजस्थान के लोगों ने सीएम गहलोत की अपील का पूरा सम्मान किया। लोगों को रोकने के लिए प्रशासन को कोई सख्त कार्यवाही नहीं करनी पड़ी।

 

लोगों ने स्वैच्छा से फटाखे नहीं जलाए। जिन घरों में गत दीपावली के फटाखे पड़े थे, उन्होंने भी फटाखे जलाने से परहेज किया। भारत की सनातन संस्कृति में तो हर परंपरा को उत्सव के रूप में मनाते हैं। जिन लड़कों की शादी हाल में हुई है उनके ससुराल से दीपावली पर मिठाई के साथ फटाखे भी आते हैं, ताकि नई नवेली दुल्हन अपने ससुराल में फटाखे जला कर दीपावली का उत्सव मनाए। राजस्थान में अनेक परिवारों में लड़की के माता-पिता ने फटाखे भेजे भी लेकिन घरों में फटाखे नहीं जलाए गए। यानि लोगों ने सामाजिक परंपराएं भी नहीं निभाई।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश वासियों ने सीएम गहलोत को कितना सहयोग किया है। देश में कई राज्यों में दीपावली पर फटाखों पर रोक नहीं लगाई, जबकि कोरोना का असर तो पूरे देश में हैं। कई राज्यों में धूम धड़कों से फटाखे जले भी हैं। भले ही इससे सांस लेने वाले लोगों को परेशानी हुई हो। इसमें कोई दो राय नहीं राजस्थान के लोगों ने स्वैच्छा से फटाखे नहीं जलाकर समझदारी का परिचय दिया है। सीएम गहलोत के साथ साथ प्रदेशवासी भी बधाई के पात्र हैं।

 

आगजनी की घटनाएँ भी नहीं हुई:
फटाखे नहीं जलने से इस बार दीपावली के मौके पर आगजनी की घटनाएं भी नहीं हुई। अजमेर नगर निगम के कार्यवाहक आयुक्त गजेन्द्र सिंह रलावता ने बताया कि निगम के फायर स्टेशन पर इस बार दीपावली पर आग लगने की कोई सूचना नहीं आई। दीपावली के अवसर पर आग लगने की घटनाएँ होना आम बात होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में रखे धान आदि भी फटाखों से आग लग जाती है। लेकिन इस बार ग्राीमण क्षेत्रों से भी आग लगने की सूचना नहीं आई है। हालांकि निगम ने दीपावली के मौके पर अग्निशमन दल को मुस्तैद रखा था।

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