मदरसा पैरा टीचर्स को नियमित करने और सरकारी स्कूलों में उर्दू भाषा पढ़ाने की मांगों को लेकर राजस्थान में शमशेर खान पद यात्रा निकाल रहे हैं।
- 6 में से 1 भी निगम का मेयर मुसलमान को नहीं बनाने का मामला भी उठाया।
- दरगाह कमेटी के अध्यक्ष पठान ने भी किया समर्थन।
- जिस स्कूल में 10 विद्यार्थी उर्दू पढऩे वाले होंगे, वहां तृतीय भाषा के तौर पर उर्दू ही पढ़ाई जाएगी-शिक्षा मंत्री डोटासरा।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 17 नवम्बर को राजस्थान मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम के एक शिष्टमंडल ने जयपुर में कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अजय माकन से मुलाकात की। शिष्टमंडल में शामिल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शब्बीर खान और कार्य समिति के सदस्य मोहम्मद शरीफ ने माकन को बताया कि राज्य सरकार की उर्दू भाषा विरोधी नीतियों की वजह से अल्पसंख्यक समुदाय में रोष व्याप्त है। सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ही सामाजिक कार्यकर्ता और उर्दू भाषा के शिक्षक शमशेर खान इन दिनों दांडी पद यात्रा निकाल रहे हैं।
चूंकि सर्दी के मौसम में शमशेर खान पैदल चल रहे हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खान की पद यात्रा 16 नवम्बर को उदयपुर पहुंच गई है, यह यात्रा गुजरात के दांडी तक जाएगी। माकन को बताया गया कि पूर्व में सरकारी स्कूलों में तृतीय भाषा के तौर पर उर्दू को मान्यता मिली हुई थी। अल्पसंख्यक बहुल्य क्षेत्रों में चलने वाली सरकारी स्कूलों में उर्दू भाषा का पढ़ाया जाना जरूरी है। लेकिन राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनने के दो साल बाद भी उर्दू भाषा का संरक्षण नहीं हो सका है।
मदरसा पैरा टीचर्स को अभी तक भी नियमित नहीं किया गया है। जबकि गत विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने मदरसा पैरा टीचर्स को नियमित करने का वायदा किया था। माकन ने कांग्रेस के नेताओं को भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से बात कर उर्दू भाषा की समस्या का समाधान करवाएंगे। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा सिर्फ भाषा ही नहीं है, बल्कि एक जीवन शैली है। शिष्टमंडल ने माकन के समक्ष हाल ही में हुए 6 नगर निगमों के चुनाव में एक भी निगम में मुस्लिम को मेयर नहीं बनाने पर नाराजगी जताई है।
माकन को बताया गया कि चार निगमों में कांग्रेस के मेयर बने हैं। लेकिन मेयर चुनाव में कांग्रेस ने एक भी मुसलमान को उम्मीदवार नहीं बनाया। जबकि वार्ड चुनाव में अल्पसंख्यक वर्ग ने कांग्रेस का जमकर समर्थन किया था। कांग्रेस नेताओं की इस शिकायत पर माकन ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। इसलिए सार्वजनिक तौर पर चर्चा नहीं हो सकती है।
10 विद्यार्थियों पर उर्दू की पढ़ाई:
17 नवम्बर को जिस समय कांग्रेस के नेता अपनी ही सरकार की नीतियों के विरोध में ज्ञापन दे रहे थे, उस समय अजय माकन के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा भी उपस्थित थे। अजय माकन के रवाना हो जाने के बाद डोटासरा ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार उर्दू भाषा के संरक्षण को लेकर पहले ही गंभीर है। सरकार ने निर्णय ले लिया है कि जिस स्कूल में उर्दू भाषा के 10 विद्यार्थी होंगे वहां पर तृतीय भाषा के तौर पर उर्दू को पढ़ाई जाएगा। डोटासरा ने कहा कि उन्हें शमशेर खान की दांडी यात्रा की भी जानकारी है। मदरसा पैरा टीचर्स की समस्याओं के समाधान के लिए भी सरकार गंभीर है।
पठान ने किया समर्थन:
अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह की प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमीन पठान ने भी शमशेर खान की दांडी पद यात्रा का समर्थन किया है। पठान ने अपने ट्वीट में कहा कि राजस्थान की सरकार मुसलमानों की हिमायती बनती है, लेकिन किस तरह से अल्पसंख्यकों के हकों का हनन कर रही है यह सब दिख रहा है। शमशेर खान की लड़ाई में हम सब साथ हैं। 
डोटासरा की घोषण पर सवाल:
वहीं राजस्थान मुस्लिम परिषद संस्थान के अध्यक्ष यूनुस चौबदार ने शिक्षा मंत्री डोटासरा की घोषणा पर सवाल उठाया है। चौबदार ने कहा कि डोटासरा पहले भी घोषणा कर चुके हैं कि सरकारी स्कूलों में तृतीय भाषा के तौर पर उर्दू को मान्यता मिलेगी। लेकिन इस घोषणा पर अमल नहीं हो पाया है। चौबदार ने कहा कि उनका संस्थान भी शमशेर खान की पद यात्रा का समर्थन करता है। शमशेर खान के पिता भालू खान कांग्रेस के विधायक रहे हैं।







