- फारुख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथ कांग्रेस के खड़े होने के क्या मायने हैं।
- दिल्ली में पकड़े गए दो आतंकी। वारदात की फिराक में थे।
जयपूर (एस.पी.मित्तल) – 17 नवम्बर को पुलिस ने दिल्ली के सरायकाले खा क्षेत्र से मोहम्मद अशरफ और अब्दुल लतीफ नाम के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों आतंकियों के पास से दो ऑटोमेटिक रिवाल्वर तथा दस जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। ये दोनों युवक जम्मू कश्मीर के बारामूला और कूपवाड़ा के रहने वाले हैं। दोनों दिल्ली में बड़ी वारदात की फिराक में थे। सवाल उठता है कि यदि इन दोनों आतंकियों को दिल्ली में वारदात करने में सफलता मिल जाती तो फिर क्या होता?
सब जानते हैं कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान ही आतंकवाद को हवा देता रहा है। लेकिन गत वर्ष अगस्त में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद हालात काफी नियंत्रित हुए हैं। नजरबंदी से बाहर आने के बाद जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए चीन से भी मदद ली जाएगी। फारुख ने यह बात तब कही जब चीन भारत को लद्दाख सीमा पर चुनौती दे रहा है। यानि फारुख अब्दुल्ला को हमारे दुश्मन से भी मदद लेने में कोई गुरेज नहीं है। इसी प्रकार पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जब तक अनुच्छेद 370 की बहाली नहीं होगी, तब तक वे तिरंगे को हाथ नहीं लगाएंगी।
जम्मू कश्मीर के छोटे बड़े राजनीतिक दलों को एकजुट कर गुपकार संगठन बनाया गया है। इस संगठन की कमान फारुख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के पास ही है। अब कांग्रेस ने भी घोषणा की है कि वह गुपकार संगठन में शामिल होगी। कांग्रेस की इस घोषणा के बाद ही सवाल उठा है कि क्या कांग्रेस जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली चाहती है? सब जानते हैं कि अनुच्छेद 370 की वजह से ही पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में आतंकी वारदातें करवाने में सफलता मिलती थी। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद कश्मीर घाटी में पाकिस्तान की घुसपैठ बहुत कम हो गई है। घाटी में आतंकियों को के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जा रही है।
लेकिन अब यदि कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी जम्मू कश्मीर में उस समूह के साथ खड़ी होगी जो चीन की मदद से 370 की बहाली चाहता है तो फिर देश के अन्य हिस्सों में कांग्रेस की स्थिति क्या होगी? कश्मीर से 370 को हटाने के कदम की सराहना देशभर में हुई थी। सब जानते हैं कि 370 के हटने के बाद आम कश्मीरियों को भी उनके अधिकारों का लाभ मिलने लगा है। केन्द्रीय योजनाओं का लाभ भी कश्मीरियों को मिल रहा है। अब सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी भी नहीं होती। जब जम्मू कश्मीर लगातार सामान्य हो रहा है, तब कांग्रेस और फारुख अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती जैसे नेता माहौल बिगाडऩे में लगे हुए हैं।







