जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर के पीआर मार्ग पर संचालित रूबी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी को लेकर 4 जुलाई को मैंने एक ब्लॉग लिखा था। इस ब्लॉग में कुछ जमाकर्ताओं की पीड़ा उजागर की गई थी। ब्लॉग के वायरल होने के बाद प्रदेश भर के अनेक पीडि़त और सामने आए हैं। पीडि़तों का कहना है कि उन्होंने जिंदगी भर की कमाई पंूजी रूबी क्रेडिट सोसायटी में जमा करवाई थी। लेकिन अब देय तिथि पर भुगतान नहीं हो रहा है। सोसायटी के सीईओ राहुल दवे संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं। दस लाख रुपए जमा करवाने वाले भीलवाड़ा के दुकानदार चन्द्रशेखर अग्रवाल ने बताया कि 100-50 रुपए प्रतिदिन जमाकर उन्होंने 10 लाख रुपए की राशि सोसायटी में जमा करवाई ताकि बच्चों के विवाह के समय काम आ सके। लेकिन अब सोसायटी ने राशि देने से मना कर दिया है। भीलवाडा में विनोद लोढा को सोसायटी की ब्रांच का मैनेजर बनाया गया था। लोढा ने भी करोड़ों रुपए सोसायटी में जमा करवाए। अब लोढा भी राशि लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सोसायटी के सीईओ राहुल दवे ने अपना माया जाल फैला कर किशनगढ़ के मार्बल कारोबारियों का भी करोड़ों रुपया जमा कर रखा है। किशनगढ़ के ललित शर्मा, अजय सिंह चौहान आदि ऐसे अनेक लोग हैं, जिन्होंने करोड़ों रुपया जमा करवाया है। अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर रहे हितेश मेहता और उनके परिवार के सदस्यों के भी करीब एक करोड़ रुपया जमा है। अजमेर के मुकेश चौरडिय़ा, जितेश मेहरा, महेश ओझा, शंकर लाल वैष्णव, सुरेश चंद व्यास आदि लोगों के भी करोड़ों रुपया सोसायटी में जमा है। सोसायटी के दफ्तर भी अब बंद हो गए हैं। सीईओ राहुल दवे भी नहीं मिलते हैं। देय तिथि पर भुगतान नहीं होने से सैकड़ों जमाकर्ता परेशान है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद भी सोसायटी के पदाधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। वो आज भी ऐशोआराम की जिन्दगी जी रहे है। गरीब लोगों से पैसा एकत्रित करने और सोसायटी के संचालन में सीईओ राहुल दवे की पत्नी श्रीमती पूजा दवे की भूमिका रही। ग्राहकों के साथ हुए अनुबंध के दस्तावेजों पर पूजा दवे के भी हस्ताक्षर है। लेकिन अब पूजा दवे अजमेर के वाणिज्यिक कर विभाग में जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हैं। श्रीमती पूजा की इस नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। एक ओर गरीब जमाकर्ता डरा और सहमा हुआ है तो दूसर तरफ सरकारी पद का रुतबा दिखाया जा रहा है। हालांकि राहुल दवे का कहना है कि वे जमाकर्ताओं की राशि लौटाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यह बात अलग है कि जिन जमाकर्ताओं को चेक दिए गए वो बैंक से डिसऑनर हो गए। सोसायटी के खिलाफ अब पीडि़तों ने साझा मंच बनाने की तैयारी की है। इसके लिए मोबाइल नम्बर 9413827026 पर आरएन अग्रवाल से सम्पर्क किया जा सकता है।







