मशहूर गजल गायक ज़ुल्फ़िकार के इंतकाल पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव ने श्रद्धांजलि दी।

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  • जुल्फी ने यादव के साथ अजमेर के कॉलेज में पढ़ाई की थी।
  • सजदा के वक्त हुआ इंतकाल कामयाबी सातवें आसमान पर रही। 

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – देश के मशहूर गजल गायक और अजमेर निवासी ज़ुल्फ़िकार खान का एक दिसम्बर को सुबह दिल्ली में तब इंतकाल हो गया, जब वे अपने घर पर सजदा कर रहे थे। असल में जुल्फी को एक प्रोग्राम में भाग लेने के लिए हैदराबाद जाना था, लेकिन ऐनमौके पर सूचना आई फ्लाइट सुबह 11 बजे के बजाए एक बजे रवाना होगी। फ्लाइट के लेट होने की वजह से ही जुल्फी ने सजदा का मन बनाया, लेकिन सजदा में ही जुल्फी ने जिंदगी की अंतिम सांस ली।

 

 

zulifikarजुल्फी के इंतकाल पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव ने गहरी संवेदना प्रकट की है। यादव उन दिनों को याद करते हैं, जब वे अजमेर के गवर्मेंट कॉलेज में जुल्फी के साथ पढ़ते थे। वर्ष 1989-90 में दोनों इसी कॉलेज के सहपाठी रहे। भूपेन्द्र यादव का कहना रहा कि कॉलेज की म्यूजिकल नाइट में वे जुल्फी की गज़ल सुनने के लिए ही जाते थे। जुल्फी ने गायन का जो सफर अजमेर से शुरू किया, वह कामयाबी की मंजि़ल तक पहुंचा। जुल्फी ने भारत ही नहंी बल्कि विदेशों में भी प्रोग्राम किए। चाहे गुलाम अली साहब हो या फिर राहत इंदोरी सभी के साथ जुल्फी ने मंच सांझा किया। अनुप जलोटा के साथ भी जुल्फी ने गज़लें गाईं।

 

भूपेन्द्र यादव का मानना है कि जुल्फी की जुबान में कुदरत का करिश्मा था वे पूरी अकीदत और सिद्धत के साथ गज़ल गाते थे। जुल्फी के नहीं रहने की कमी लम्बे समय तक रहेगी। ईश्वर जुल्फी की रूह को सुकून दे। जुल्फी का इंतकाल मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। जुल्फी और यादव के साथ ही अजमेर के गवर्मेंट कॉलेज में पढऩे वाले भाजपा के वरिष्ठा नेता सुरेन्द्र सिंह शेखावत ओर अजमेर के मित्तल अस्पताल के जनसम्पर्क अधिकारी संतोष गुप्ता ने बताया कि अजमेर से निकलने के बाद जुल्फी ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अपनी एसके इवेंट म्यूजिक कंपनी के माध्यम से जुल्फी ने जबरदस्त सफलता हांसिल की।

 

संतोष गुप्ता उन दिनों को भी याद करते हैं, जब जुल्फी को कॉलेज के प्रोग्रामों में गज़ल गाने के लिए प्रेरित करते थे। जुल्फी के परिवार की सदस्य और कांग्रेस की नेत्री श्रीमती सबा खान ने कहा कि वे पूरे परिवार का हमेशा ख्याल रखते थे। उन्हें परिवार के सभी सदस्यों की चिंता रहती थी। जुल्फी अजमेर के एडवोकेट इकबाल खान के भाई थे। जुल्फी के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नम्बर 9116049809 पर संतोष गुप्ता से ली जा सकती है।

 

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