जयपूर (एस.पी.मित्तल) – वरिष्ठ आईएएस प्रकाश पुरोहित ने गत 6 जुलाई को अजमेर के कलेक्टर का पद संभाला। पद संभालते ही पुरोहित सक्रिय हो गए। अब कलेक्टर ने कहा कि कोई भी व्यक्ति बगैर पर्ची के उनसे मिल सकता है। जब वे अपने कक्ष में होंगे तो कक्ष का दरवाजा आमजन के लिए खुला रहेगा। पुरोहित ने कहा कि वे जनसेवक हैं और आमजन की समस्याओं का समाधान करना उनका दायित्व है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। कलेक्टर ने कहा कि वे लोगों से मिलने का समय निर्धारित नहीं कर सकते हैं, क्योंकि कई बार अचानक शहर से बाहर या घटना स्थल पर जाना होता है। लेकिन वे यह विश्वास दिलाते हैं कि कार्यालय दिवस में अधिक से अधिक समय तक लोगों से मिलेंगे। उनका प्रयास होगा कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं का समाधान उपखंड स्तर पर ही हो जाए ताकि ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पर नहीं आना पड़े।
भाजपा विधायकों ने की प्रशंसा:
अजमेर शहर के दोनों भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी और श्रीमती अनिता भदेल ने कलेक्टर पुरोहित की पहल का स्वागत किया है। विधायकों ने कहा कि यह अच्छी बात है कि कलेक्टर पुरोहित जनसेवक के तौर पर कार्य करेंगे। इस सकारात्मक पहल पर कलेक्टर को पूरा समर्थन मिलेगा। विपक्ष का काम जन समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना है। दोनों विधायकों ने उम्मीद जताई कि जन प्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का समाधान भी कलेक्टर गंभीरता से करेंगे। श्रीमती भदेल ने इस बात पर अफसोस जताया कि पूर्व कलेक्टर विश्वमोहन शर्मा के कार्यकाल में कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार तक बंद करवा दिया गया था। भदेल ने कहा कि प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। वहीं देवनानी ने कलेक्टर पुरोहित से मुलाकात कर कहा कि जिस प्रकार जोधपुर में क्वारंटीन सेंटर वाले होटल मालिकों को एक कमरे का किराया एक हजार रुपए तक दिलवाया गया, उसी प्रकार अजमेर में भी होटल मालिकों को भुगतान करवाया जाए। पूर्व कलेक्टर ने मात्र 265 रुपए प्रतिदिन के आदेश दिए हैं। मालूम हो कि प्रकाश पुरोहित जोधपुर कलेक्टर के पद से ही अजमेर आए हैं। पुरोहित ने उचित कार्यवाही का अश्वासन दिया।
कांग्रेस सरकार के कलेक्टर:
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि कलेक्टर पुरोहित ने सकारात्मक पहल की है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जनसेवक की तरह ही काम कर रहे हैं। कोरोना काल में जो मुख्यमंत्री ने रात और दिन कार्य किया है। स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली का असर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी पड़ा है। कांग्रेस के शासन में अधिकांश अधिकारी जन सेवक के तौर पर ही कार्य करते हैं। अब जब कलेक्टर बगैर पर्ची के ही लोगों से मिलेंगे तो अनेक समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा। कांग्रेस सरकार और प्रशासन का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना ही है।







