जयपूर (एस.पी.मित्तल) – वरिष्ठ आईएएस आरुषि मलिक ने 9 जुलाई को अजमेर के संभागीय आयुक्त का पद संभाल लिया है। लक्ष्मीनारायण मीणा के रिटायरमेंट के बाद गत एक माह से यह पद रिक्त पड़ा था। पद संभालने के बाद मलिक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता कोरोना काल में जरुरतमंद लोगों को अधिक से अधिक सहायता पहुंचाने की होगी। कोरोना काल में आम लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मेरा प्रयास होगा कि ऐसी सभी समस्याओं का समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि मेरे लिए अजमेर संभाग नया नहीं है। संभाग के चार में से दो जिले अजमेर और टोंक में वे कलेक्टर के पद पर काम कर चुकी हैं। उन्हें संभाग की समस्याओं के बारे में पता है। उनका प्रयास होगा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्विति प्रभावी तरीके से हो। जरुरतमंद लोगों को राशन की दुकान से नि:शुल्क राशन सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकारी अस्पतालों में हर मरीज का इलाज हो इसे भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इन दिनों कोरोना महामारी के साथ साथ टि½ियों का भी प्रकोप है। टिड्डियों की वजह से किसानों की फसल खराब न हो इसका भरसक प्रयास किया जाएगा। अजमेर के लिए यह अच्छी बात है कि प्रदेश भर में नरेगा श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। मौजूदा समय में अजमेर में दो लाख से भी ज्यादा ग्रामीणों को नरेगा में काम मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी का सहयोग लेकर संभाग का विकास किया जाएगा। उनकी कोशिश होगी कि समस्याओं का समाधान उपखंड और जिला स्तर पर ही हो जाए। समस्याओं के समाधान के लिए आमजन भी सीधा संवाद कर सकता है। अजमेर कलेक्टर प्रकाश पुरोहित द्वारा आमजन के लिए पर्ची सिस्टम खत्म करने की पहल का आरुषि मलिक ने स्वागत किया।







