जैसे मंडी में बकरे खरीदे जाते है, वैसे राजस्थान में विधायक खरीदे जा रहे हैं।

  • सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा के नेताओं को तिकड़मी और बेशर्म बताया।
  • कांग्रेस के गद्दारों को प्रदेश की जनता सबक सिखाएगी।
  • गहलोत में दम हो तो खरीद फरोख्त मामले की जांच सीबीआई से कराए-सतीश पूनिया।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने की खबरों के बीच 11 जुलाई को सीएम अशोक गहलोत ने आक्रमक अंदाज में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। गहलोत ने पत्रकारों के सभी सवालों के जवाब तीखे अंदाज में दिए। गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में जब मेरी सरकार संक्रमण से लड़ रही है,तब भाजपा वाले सरकार को अस्थिर करने में लगे हुए हैं। जिस प्रकार बकरा मंडी में बकरे का मोल भाव होता है, उसी प्रकार राजस्थान में विधायकों को खरीदने के प्रयास हो रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि दिल्ली में बैठे भाजपा के नेता मेरी सरकार को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। विधायकों को 10 करोड़ रुपए एडवांस और 15 करोड़ रुपए सरकार गिरने के बाद देने की बात हो रही है। कांग्रेस ने विधायकों की बगावत के सवाल पर गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के गद्दारों को प्रदेश की जनता सबक सिखाएगी। जिस पार्टी ने विधायक, मंत्री बनाकर सम्मान दिया, यदि अब ऐसे कांग्रेसी गद्दारी करते हैं तो यह बेहद अफसोसनाक बात है। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर राजस्थान में प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया, उपनेता राजेन्द्र राठौड़ और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया सरकार गिराने का काम कर रहे हैं।
केन्द्रीय नेताओं के सामने ये तीनों नेता अपने नम्बर बढ़ाने में लगे हुए हैं। गहलोत ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के समय भी ऐसे प्रयास किए गए थे। लेकिन तब सफलता नहीं मिली। लेकिन अब एक बार फिर से सरकार गिराने के प्रयास शुरू हो गए हैं। चूंकि अब एसओजी जांच कर रही है, इसलिए खरीद फरोख्त की सच्चाई सामने आ जाएगी। केन्द्र सरकार के किस मंत्री ने क्या भूमिका निभाई इसका भी चल जाएगा। एसओजी ने इस मामले में मुझे भी बयान देने के लिए नोटिस भेजा है। मैं अपने बयान दर्ज करवाउंगा। गहलोत ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने तिकड़मों और बेशर्मी की सभी हदें पार कर दी है। मैं दावे से कहना चाहता हूं कि भाजपा ने गुजरात में जो चाल चली उसे राजस्थान में सफल नहीं होने दिया जाएगा। सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की चाहत के सवाल पर गहलोत ने कहा कि पायलट ही क्यों कांग्रेस में कई लोग मुख्यमंत्री बनने चाहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री तो एक ही बन सकता है और इस समय मैं मुख्यमंत्री हंू। क्या कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के गुट हैं? के सवाल पर गहलोत ने सिर्फ मुस्कुराहट व्यक्त की। गहलोत ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हंू और मेरे पास कई स्रोतों से सूचनाएं आती है। मुझे सब पता है कि कौन क्या कर रहा है। गहलोत ने माना कि कोरोना की वजह से सरकार का राजस्व मात्र तीस प्रतिशत रह गया है। जिसकी वजह से सरकार को घोर आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। गहलोत ने इस बात पर अफसोस जताया कि मांग के बाद भी केन्द्र सरकार ने राहत पैकेज नहीं दिया है। केन्द्र ने सिर्फ लोन ने की सुविधा दी है।
सीबीआई की जांच हो-सतीश पूनिया।
सीएम गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि यदि गहलोत में दम हो तो विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की आपसी गुटबाजी है, जिसे गहलोत भाजपा पर थोप रहे हैं। गहलोत की सारी कोशिश अपनी ही पार्टी के विधायको को डराने धमकाने की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को गहलोत की सरकार गिराने की कोई जरुरत नहीं है,क्योंकि यह सरकार अपनी गुटबाजी से स्वयं गिर जाएगी। गहलोत की नाटकबाजी पूरा प्रदेश राज्यसभा के चुनाव के समय देख चुका है। गहलोत को अपनी ही पार्टी के विधायकों को पर भरोसा नहीं है।

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