जयपूर (एस.पी.मित्तल) – जिन तीन निर्दलदय विधायक को अशोक गहलोत सरकार का सबसे पक्का समर्थक माना जा रहा था, उन्हीं विधायकों के खिलाफ एसीबी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। निर्दलीय विधायक सुरेश टाक, ओम प्रकाश हुड़ला और सुखबीर सिंह पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर के विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप है। एसीबी के सूत्रों के अनुसार ये विधायक अन्य विधायकों को प्रलोभन देकर प्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं।
एसीबी की इस कार्यवाही से निर्दलीय विधायकों में खलबली मच गई है। आरोपी तीनों विधायक लगातार सीएम गहलोत के सम्पर्क में रहे हैं। तीनों ने ही निर्दलीय कोटे के मंत्री पद पर भी दावेदारी जताई है। यही वजह है कि एसीबी की कार्यवाही पर किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टाक ने नाराजगी जताई है। टाक ने कहा कि मैं अचंभित हैं। उन्होंने माना कि एक दिन पहले किशनगढ़ के विधायक रमिला खंडिया से मुलाकात की थी। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मैंने रमिला को कोई प्रलोभन दिया। टाक ने कहा कि जब मैं पूरी तरह सीएम गहलोत के साथ खड़ा हंू तब सरकार गिराने का प्रयास क्यों करुंगा? यह माना कि मैं विधायक बनने से पहले बीस वर्षों तक भाजपा में सक्रिय रहा। लेकिन आज मुझे किशनगढ़ का विकास करवाना है, इसलिए सरकार के साथ खड़ा हंू। उन्होंने कहा कि एसीबी की ऐसी कार्यवाही से निर्दलीय विधायको का मनोबल गिरेगा। इसलिए इस मामले में सीएम गहलोत को दखल देना चाहिए। वहीं दूसरे आरोपी विधायक ओम प्रकाश हुड़ला ने कहा कि उनका भाजपा के किसी भी नेता से सम्पर्क नहीं है और न ही किसी भाजपा नेता ने इन दिनों उनसे बात की है। भले ही एसीबी ने मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया हो,लेकिन मैं सीएम गहलोत के साथ खड़ा हूं।







