- अजमेर सहित देशभर में टीका लगाने की प्रक्रिया को जांचा गया।
- अजमेर जिले में 100 से ज्यादा चिकित्सा केन्द्रों पर लगेंगे टीके।
- प्राइवेट अस्पतालों में बनाए जाएंगे केन्द्र।
- लाभार्थी को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – देश के लोगों को कोरोना का टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा। इस आशय की घोषणा 2 जनवरी को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि किसी को भी किसी भी अफ़वाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार को देश के हर नागरिक की चिंता है। डॉ. हर्षवर्धन की इस घोषणा से उन लोगों का मुंह बंद हो जाएगा जो कोरोना के टीके को लेकर भी राजनीति कर रहे थे।
अब बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों को कोरोना का टीका मुफ्त में लगाया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के पद पर देखना नहीं चाहती हैं, लेकिन मोदी सरकार ममता बनर्जी की सरकार को भी टीके नि:शुल्क उपलब्ध करवाएगी ताकि पश्चिम बंगाल के लोगों को कोरोना वायरस से मुक्त किया जा सके। केन्द्र सरकार ने कोरोना के नि:शुल्क टीके की घोषणा तब की है, जब देशवासी बेसब्री से टीके का इंतजार कर रहे हैं। सीरम इंस्टीट्यूट में तैयार वैक्सीन को 1 जनवरी को ही मंजूरी मिली है। जल्द ही भारत बायोटेक और फाइजर को भी अनुमति मिल जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी के दूसरे पखवाड़े से जरुरतमंद लोगों को टीका लगाना शुरू हो जाए। इसके लिए 2 जनवरी को देशभर में टीका लगाने की प्रक्रिया को जांचा गया। चिकित्सा विभाग ने अपनी तैयारियों को भी जांचा तथा टीका लगाने और फिर आब्जर्वेशन की प्रक्रिया को भी देखा। टीका लगाने के बाद व्यक्ति को आधा घंटा निर्धारित चिकित्सा केन्द्र में ही चिकित्सकों की निगरानी में रहने पड़ेगा।
अजमेर में 100 से भी ज्यादा केंद्रों पर लगेंगे टीके:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केके सोनी ने बताया कि 2 जनवरी को टीके लगाने की प्रक्रिया को सफलता पूर्वक जांच लिया गया है। चिकित्सा विभाग टीका लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है। अजमेर जिले में मेडिकल कॉलेज से जुड़े जेएलएन अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक पर टीका करण की व्यवस्था की गई है। जिले भर में सौ से भी ज्यादा चिकित्सा केन्द्र चिन्हित किए गए हैं। जिन प्राइवेट अस्पतालों में स्वास्थ कर्मियों की संख्या 100 है वहां भी टीकाकरण करवाया जाएगा। पहले चरण में जिन 20 हजार स्वास्थ कर्मियों को टीका लगना है, उनकी सूची तैयार कर ली गई है।
दूसरे चरण में फ्रान्ट लाइन कर्मचारियों का टीकाकरण होगा। सरकारी कर्मचारियों की सूची तो प्रशासन के पास उपलब्ध है, लेकिन 50 वर्ष से अधिक उम्र और डायबिटीज़, ब्लडप्रेशर, हार्ट जैसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को टीका करण के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप होगी। जो लोग रजिस्ट्रेशन करवाएंगे उन्हें ही मोबाइल पर एसएमएस के जरिए सूचना दी जाएगी। इस सूचना में बताया जाएगा कि किस चिकित्सा केन्द्र पर टीका कारण होगा। डॉ. सोनी ने बताया कि वैक्सीन को रखने के लिए चिकित्सा विभाग के पास पर्याप्त स्टोरेज है। मौजूदा समय में भी अजमेर से ही नागौर, भीलवाड़ा के लिए दवाइयां भेजी जाती है। उन्होंने बताया कि जिन स्वास्थ्य केन्द्र पर टीका लगेगा वहां बैड भी रखे जाएंगे, क्योंकि टीका लगाने के बाद संबंधित व्यक्ति आधे घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी में रहेगा।







