अजमेर में स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों का प्रत्येक बुधवार को अवलोकन करते हैं कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित।
अजमेर (एस.पी.मित्तल) – अजमेर के जिला कलेक्टर और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अध्यक्ष प्रकाश राजपुरोहित ने 27 जनवरी को शहर में चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। हालांकि 28 जनवरी को अजमेर नगर निगम सहित जिले में पांच निकायों में मतदान होना है, लेकिन चुनाव की व्यस्तता के बावजूद कलेक्टर ने स्मार्ट सिट के कार्यों का अवलोकन किया।
चूंकि शहर में स्मार्ट सिटी के करोड़ों रुपए के कार्य निर्माणाधीन हैं, इसलिए कलेक्टर प्रत्येक बुधवार को इंजीनियरों के साथ मौके पर जाकर जायजा लेते हैं। 27 जनवरी को भी सप्ताह के बुधवार की नियमितता को बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने जायजा लिया। कलेक्टर जब बांडी नदी के किनारे बनने वाले रिवरफ्रंट का अवलोकन कर रहे थे, तभी बांडी नदी से सटी अजमेर विकास प्राधिकरण की हरिभाऊ उपाध्याय नगर मुख्य बी ब्लॉक कॉलोनी के जागरुक नागरिक भी मौके पर पहुंच गए। सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष काबरा और विकास समिति के अध्यक्ष संजय लढ्ढा, पूर्व अध्यक्ष संतोष कासवा, अरविंद गर्ग आदि ने कलेक्टर को बताया कि सीने वल्र्ड की ओर से आ रहे नाले पर बनी पुलिया का विस्तार किया जाना जरूरी है।
लेकिन योजना के इंजीनियरों ने पुलिया का विस्तार किए बिना ही रिवरफ्रंट की दीवार बना दी है, इससे रिवरफ्रंट में समानता नजर नहीं आ रही है। आने वाले पर्यटकों को इससे परेशानी होगी। क्षेत्रीय नागरिकों की मांग पर कलेक्टर पुरोहित ने मौके पर ही इंजीनियरों को पुलिया विस्तार के आदेश दिए। इससे पहले कलेक्टर ने करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले ऐलीवेटेड रोड के कार्यों का भी जायजा लिया। कलेक्टर ने इंजीनियरों को निर्देश दिए कि रोड का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। चूंकि ऐलीवेटेड रोड शहर के व्यस्तम मार्ग पर बन रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की वजह से यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
कलेक्टर ने पुरानी विश्राम स्थली पर बन रहे न्यू लेक फं्रट बर्ड पार्क पाथवे आदि कार्यों का भी जायजा लिया। आना सागर के किनारे एमपीएस स्कूल के सामने बनने वाले सेवन वंडर पार्क का भी जायजा लिया। इस पार्क में दुनिया के सात अजूबों के मॉडल बनाए जाएंगे। मालूम हो कि केन्द्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत अजमेर शहर में एक हजार करोड़ रुपए के कार्य हो रहे हैं। अधिकांश कार्य शहर के बीचों बीच बने आना सागर के किनारे किए जा रहे हैं। आना सागर के चारों तरफ पाथ-वे का निर्माण हो रहा है। इससे अजमेर आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक माहौल का अहसास होगा। हालांकि अभी भी आनासागर में नालों का गंदा पानी गिर रहा है, लेकिन स्मार्ट सिटी के तहत नालों का गंदा पानी ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाने का काम चल रहा है।







