सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान में पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिकरण किया।

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  • सरकार समर्थक विधायकों को वाकई ब्याज सहित भुगतान हो रहा है।
  • कांग्रेस अपनी गुटबाज़ी को छुपाने के लिए भाजपा में वसुंधरा राजे की नाराज़गी को उछालती है।
  • राजे पार्टी के प्रति वफादार हैं।
  • राजस्थान में राहुल गांधी को नहीं मिलेगा किसानों का समर्थन।
  • भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी से सीधा संवाद।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) – राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अरुण चतुर्वेदी ने 8 फरवरी को अजमेर में मेरे निवास पर मुझसे शिष्टाचार मुलाकात की। चतुर्वेदी ने बताया कि वे मेरे ब्लॉग के नियमित पाठक हैं। प्रतिदिन और राष्ट्रहित में लिखने पर चतुर्वेदी ने मेरी हौसला अफजाई भी की। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान ही प्रदेश और देश के राजनीतिक हालातों पर भी चतुर्वेदी ने अपनी राय रखी। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का राजनीतिकरण कर दिया है।

यही वजह है कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं तथा आम लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है। पुलिस और प्रशासन में बड़े अधिकारियों की नियुक्ति सरकार को समर्थन देने वाले विधायकों की सिफारिश पर हो रही है। जुलाई-अगस्त में जब कांग्रेस के 19 विधायकों ने बगावत की थी, तब सीएम गहलोत ने अपने समर्थक विधायकों को एक माह के लिए होटलों में ले गए थे। तब गहलोत ने कहा था कि आज जो विधायक मेरे साथ हैं, उन्हें मैं ब्याज सहित भुगतान करुंगा। पुलिस और प्रशासन में अधिकारियों की नियुक्ति कर सीएम गहलोत अब वाकई विधायकों को ब्याज सहित भुगतान कर रहे हैं। प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी श्रीमती संगीता आर्य को राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बना दिया है।

आर्य को भी आईएएस की वरिष्ठता लांघ कर मुख्य सचिव बनाया गया। सिफारिश से नियुक्त होने वलो अधिकारी जनता के बजाए विधायक के प्रति वफादार हैं। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 विभागों का बोझ अपने ऊपर लाद रखा है। हालांकि मंत्रिमंडल का विस्तार करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार हैं, लेकिन विभागों के मुकाबले मंत्रियों की संख्या कम होने से भी सरकार के काम काज पर प्रतिकूल असर पड़ता है। गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। सत्तारुढ़ पार्टी अपनी गुटबाज़ी छुपाने के लिए भाजपा की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराज़गी का मुद्दा उछालती है, जबकि राजे ने कभी भी भाजपा के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं कहा। राजे भाजपा की एक जिम्मेदार नेता हैं और संगठन के प्रति समर्पित हैं। मौजूदा समय में भी राजे पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के 12 व 13 फरवरी के प्रस्तावित राजस्थान दौरे के संबंध में चतुर्वेदी ने कहा कि राहुल गांधी को राजस्थान में किसानों का समर्थन नहीं मिलेगा। राजस्थान का किसान अपनी खुशहाली चाहता है। मालूम हो कि 12 फरवरी को गंगानगर और 13 फरवरी को नागौर के मकराना में राहुल गांधी किसान सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।

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