पहला राफेल विमान हिलाल अहमद लेकर आएंगे।

  • आईएएस समित शर्मा ने जन्म दिन पर डाक्टर मोहम्मद रफीक की तुलना एपीजे अब्दुल कलाम से की।
  • लेकिन टीवी चैनलों पर ईद पर बकरे की कुर्बानी की चर्चा हो रही है।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – अधिकांश न्यूज चैनलों पर ईद पर बकरे की कुर्बानी को लेकर चर्चा हो रही है। चांद दिखने पर एक अगस्त को ईद मनाई जाएगी। कोरोना काल में ईद पर बकरे की कुर्बानी को लेकर चैनलों पर भले ही बहस होती रहे, लेकिन इसे भारत की खूबसूरती ही कहा जाएगा कि देश की हिफाजत में कोई नागरिक पीछे नहंी है। भारतीय वायुसेना के जाबाज पायलट कमोडोर हिलाल अहमद उन 12 पायलटों में शामिल हैं, जिन्होंने फ्रांस में राफेल विमान उड़ानो का प्रशिक्षण लिया है। अब जब 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर फ्रांस से पांच राफेल विमान पहुंचेंगे तो पहला विमान कमोडोर हिलाल अहमद ही लैंड करवाएंगे। यानि भारत की धरती पर सबसे पहले कमोडोर हिलाल का राफेल ही उतरेगा। सेना में भर्ती होने पर हर कैडेट अपनी मातृभूमि की रक्षा करने का संकल् लेता है। कमोडोर हिलाल ने भी ऐसेा ही संकल्प लिया है, इसलिए देशवासियों को उनकी वीरता पर भरोसा है। कहा जा रहा है कि पांचों राफेल विमानों की तैनाती चीन और पाकिस्तान की सीमा पर की जाएगी। यानि कमोडोर हिलाल भारत पहुंचते ही अपनी मातृभूमि की रक्षा में जुट जाएंगे। आधुनिक मिसाइलों से लैस राफेल विमान तब आ रहे हैं, जब चीन सीमा पर तनाव बना हुआ है। राफेल भारतीय सीमा पर उडान भरते हुए ही चीन और पाकिस्तान के अंडर मिसाइल दाग सकता है। राफेल के आने से भारतीय सैन्य ताकत बढ़ेगी। राफेल के मुकाबले का विमान चीन के भी पास नहीं है। देशवासियों को हिलाल अहमद जैसे पायलट की जाबाजी पर गर्व है।
डॉ. मोहम्मद रफीक की कलाम से तुलना:
राजस्थान में मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना और जैनेरिक दवा की योजना को सफल बनाने वाले आईएएस डॉ. समित शर्मा ने अपने साथी डॉ. मोहम्मद रफीक की तुलना पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से की है। डा. शर्मा इस समय जोधपुर के संभागीय आयुक्त के पद पर कार्यरत है। चूंकि डॉ. रफीक का जन्मदिन भी 27 जुलाई को तभी आता है, जब पूरा देश एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि श्रद्धा के साथ मनाता है। डॉ. शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं प्रकट कर कहा कि यह संयोग नहीं कि डॉ. रफीक का जम्म दिन और कलाम साहब की पुण्य तिथि एक ही दिन है। असल में दोनों के मन में देश सेवा का जज्बा हैै। डॉ. समित शर्मा का मानना है कि एक दिन डॉ. मोहम्मद रफीक भी कलाम साहब की तरह आदर्श बन सकते हैं। डॉ. शर्मा उन दिनों को याद करते हैँ जब प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में जैनेरिक दवाई नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही थी। चूंकि तब डॉ. शर्मा इस योजना के प्रमुख थे, इसलिए उन्हें ऐसी टीम चाहिए थी जो सेवा की भावना से रात और दिन काम करे। डॉ. शर्मा ने डॉ. रफीक को अपनी टीम का प्रमुख सदस्य बनाया। डॉ. शर्मा का मानना था कि यदि जयपुर के एमएमएस अस्पताजल में जैनेरिक दवाइयां की योजना सफल हो जाती है तो प्रदेशभर में जीत हो जाएगी। डॉ. शर्मा ने इसके लिए डॉ. रफीक को एमएमएस की जिम्मेदारी दी। डॉ. रफीक डॉ शर्मा और सरकार की उम्मीदों पर खरे उतरे। रात को दो बजे तक अस्पताल में उपस्थित हर कर डॉ. रफीक ने दवाइयां उपलब्ध करवाई। डॉ. शर्मा का मानना है कि डॉ. रफीक में भी कलाम साहब की तरह देश सेवा का जजबा है। डॉ. रफीक जैसों की वजह से ही आज सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरुरतमंद व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाएं मिल रही है। मोबाइल नम्बर 9887027251 पर डॉ. रफीक को जन्मदिन की मुबारक बाद दी जा सकती है।

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