राजस्थान के पास प्रतिदिन 15 लाख टीके लगाने की व्यवस्था, लेकिन मात्र ढाई लाख लोगों के ही टीके लगाए जा रहे हैं।

  • वन महोत्सव समारोह में सीएम अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार पर वैक्सीन नहीं देने का आरोप लगाया।
  • कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए हम तैयार हैं, इसलिए स्कूलों को नहीं खोला जा रहा।

अजमेर (एस.पी.मित्तल) : 1 अगस्त को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गहलोत ने अपने सरकारी आवास के परिसर में पौधारोपण भी किया। महोत्सव के समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान में चिकित्सा विभाग के पास प्रतिदिन 15 लाख टीके लगाने की व्यवस्था, लेकिन मात्र ढाई लाख टीके ही लगाए जा रहे हैं। राजस्थान को केन्द्र सरकार से मांग के अनुरूप वैक्सीन की सप्लाई नहीं हो रही, इसलिए प्रदेशवासियों को कोरोना के टीके नहीं लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक ओर जहां कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है, वहीं वैक्सीनेशन का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि जब तक 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन नहीं लगेगी, तब तक संक्रमण से बचा नहीं जा सकेगा। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार बहुत कम मात्रा में वैक्सीन की सप्लाई कर रही है। गहलोत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि देश में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 42 हजार संक्रमित व्यक्तियों में से 22 हजार संक्रमित व्यक्ति अकेले केरल प्रदेश के हैं। गहलोत ने कहा कि देश में सबसे पहले कोरोना वायरस का संक्रमित व्यक्ति केरल में ही पाया गया था। केरल से ही यह संक्रमण राजस्थान पहुंचा था। इसलिए केरल का असर पूरे देश पर पड़ेगा।

संक्रमित व्यक्तियों की संख्या को देखते हुए ही राजस्थान में स्कूलों को खोलने का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए माकूल इंतजाम किए गए हैं। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए प्रदेश में एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता कर ली गई है। अस्पतालों में अतिरिक्त बेड के इंतजाम भी किए गए है। गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद आम लोग लापरवाही बरतने लगे हैं। यह स्थिति बेहद घातक है। समारोह में भी भीड़ इकट्ठा होने लगी हैं। लोग मास्क लगाने में भी लापरवाह रवैया अपना रहे हैं। गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश में पहला ऐसा प्रदेश है, जहां वन महोत्सव में लोगों को औषधीय पौधे नि:शुल्क दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पौधों के लगने से घर परिवारों में इम्यूनिटी पावर बढ़ेगी। लोगों को अपने घरों में ऐसे औषधीय पौधे अनिवार्य तौर पर लगाने चाहिए।

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