जैसलमेर की सूर्यागढ़ होटल के मालिक मेघराज सिंह तो भाजपा के समर्थक रहे हैं। राजेन्द्र राठौड़ से है याराना।

  • अब इसी होटल में अशोक गहलोत की सरकार 14 अगस्त तक रहेगी।
  • इतनी जोखिम मुख्यमंत्री गहालेत ही ले सकते हैं।
  • वसुंधरा राजे के जनसंवाद में अजमेर के विभिन्न कार्यक्रमों में उपस्थित रहे होटल मालिक मेघराज सिंह।

जयपूर (एस.पी.मित्तल) – एक अगस्त को मेरे इस ब्लॉग के साथ मेरे फेसबुक पेज पर मैंने एक फोटो पोस्ट किया है। इस फोटो में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के साथ जैसलमेर की पांच सितारा होटल सूर्यागढ़ के मालिक मेघराज सिंह नजर आ रहे हैं। साथ में भाजपा के युवा नेता देवेन्द्र सिंह शेखावत भी हैं। यह फोटो 4 अगस्त 2018 का तब का है जब श्रीमती राजे अजमेर में विधानसभा वार जनसंवाद कर रही थीं। तब अजमेर, बिजयनगर, नसीराबाद के कार्यक्रमों में मेघराज सिंह वसुंधरा राजे के साथ ही रहे। भाजपा के सूत्रों के अनुसार मेघराज और विधानसभा में प्रति पक्ष के उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ के बीच याराना है। राठौड़ की पहल पर मेघराज तब वसुंधरा राजे के कार्यक्रमों में उपस्थित रहे। आज भी पूरे प्रदेश में मेघराज और राजेन्द्र सिंह राठौड़ की दोस्ती किसी से भी छिपी नहंी है। अब मेघराज सिंह के जैसलमेर स्थित होटल सूर्यागढ़ में ही राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ठहरी हुई है। जयपुर के होटल फेयरमोंट से 31 जुलाई को शिफ्ट हुए 100 विधायक और मंत्री आगामी 14 अगस्त तक इसी होटल में ठहरेंगे। यहां यह खासतौर से उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ का नाम लेकर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार गिराने में इन दोनों प्रादेशिक नेताओं का भी हाथ है। गहलोत का कहना रहा कि पूनिया और राठौड़ दिल्ली में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के सामने अपने नम्बर बढ़ाना चाहते हैं। अब सवाल उठता है कि जो सूर्यागढ़ होटल राजेन्द्र राठोड़ के दोस्त मेघराज सिंह का है उस होटल में कांग्रेस और सहयोगी दलों के विधायक क्यों ठहराए गए हैं? यदि राजेन्द्र सिंह राठौड़, गहलोत की सरकार गिराने के षडय़ंत्र में शामिल हैं तो फिर होटल सूर्यागढ़ में कुछ भी हो सकता है। पहले ही कहा जा रहा है कि सचिन पायलट गुट के 15 विधायक गहलोत खेमे में बैठे हैं। अब जब भाजपा के समर्थक वाले मेघराज सिंह होटल में सभी 100 विधायक ठहरे हुए हैं, तो फिर 15 विधायकों से सम्पर्क साधना आसान होगा। अब देखना होगा कि ऐसी खबरों के बीच सीएम गहलोत क्या निर्णय लेते हैं। वैसे इतनी दिलेरी गहलोत ही दिखा सकते हैं। चूंकि गहलोत अभी मुख्यमंत्री हैं, इसलिए सूर्यागढ़ होटल में शिफ्ट होने से पहले सरकार की खुफिया एजेंसियों ने होटल मालिक की पृष्ठभूमि की जानकारी जरूर दी होगी। ऐसी जानकारी के बाद भी अपने समर्थक विधायकों को मेघराज सिंह के होटल में ठहराना जोखिम भरा फैसला है। अपने ही पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की बगावत के बाद अशोक गहलोत अपनी सरकार को बचाने के लिए सब कुछ कर रहे हैं। पहले 20 दिनों तक 100 विधायकों को जयपुर की होटल में रखा और अब इन्हीं विधायकों को जैसलमेर की होटल में रखा गया है। अब ये विधायक जैसलमेर से तभी बाहर आएंगे जब 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होगा।
बजरी और टोल टैक्स से भी जुड़े हैं:
होटल सूर्यागढ़ के मालिक मेघराज सिंह प्रदेश में बजरी और टोल टैक्स वसूली के कारोबार से जुड़े हैं। भाजपा के शासन में मेघराज ने बजरी निकालने का ठेका कई स्थानों पर लिया। तब अशोक गहलीोत ने ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर बजरी माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। विधानसभा चुनाव में भी गहलोत बजरी की कालाबाजारी को मुद्दा बनाया। अब यह बात अलग है कि उन्हीं बजरी कारोबारी मेघराज सिंह के होटल सूर्यागढ़ में अशोक गहलोत और उनकी सरकार मेहमान बनी हुई है। हो सकता है कि इस ब्लॉग के बाद मुख्यमंत्री घोषणा कर दें कि कांग्रेस पार्टी सूर्यागढ़ होटल का किराया चुकाएगी। लेकिन सवाल उठता है कि क्या गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व वाली प्रदेश कांग्रेस कमेटी सूर्यागढ़ होटल का पूरा किराया चुकी देगी? इस होटल के एक कमरे का किराया 20 हजार रुपए प्रतिदिन का है। होटल में 90 कमरे हैं इस हिसाब से एकदिन का किराया 18 लाख रुपए होगा। यानि 14 अगस्त तक 15 दिनों का किराया दो करोड़ 70 लाख रुपए होता है। इस होटल में सिर्फ 90 विधायक ठहरेंगे। शेष 10 विधायक और 20 कांग्रेस के बड़े नेता अन्य होटल में रहेंगे। ऐसे में किराए की राशि और ज्यादा होगी। इस राशि में विधायकों के भोजन का बिल शामिल नहीं है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के समर्थक विधायकों का होटलों में ठहरना कितना महंगा होगा। जयपुर की होटल फेयरमोंट के लिए भी सीएम ने कहा था कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी भुगतान करेगी। फेयरमोंट में 100 विधायक 20 दिनों तक रहे हैं। फेयरमोंट भी सूर्यागढ़ की तरह पांच सितरा होटल है। यह बात अलग है कि होटल फेयरमोंट के मालिक रतनकांत शर्मा सीएम अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के बिजनेस पाटर्नर हैं। रतनकांत ने यश बैंक से 168 करोड़ रुपए का लोन लिया, जिसे निर्धारित अवधि में नहीं चुकाया। बाद ऊपरी दबाव से लोन की अवधि बढ़ाई गई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई को सभी 100 विधायक और कांग्रेस के बड़े नेता तीन चार्टर प्लेन से जयपुर से जैसलमेर पहुंचे थे।

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